दुनिया भर में हवाई यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। International Air Transport Association (IATA) के डायरेक्टर जनरल Willie Walsh ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में एशिया और यूरोप के कई हिस्सों में ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कमी हो सकती है। इसका सीधा असर फ्लाइट्स और किराए पर पड़ेगा।
कच्चे तेल की सप्लाई में गड़बड़ी बना बड़ा कारण
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते Crude Oil की सप्लाई प्रभावित हो रही है। यही वजह है कि ATF की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। कई देशों की एयरलाइंस खासतौर पर खाड़ी देशों पर निर्भर हैं, ऐसे में सप्लाई चेन में जरा सी भी रुकावट बड़ी समस्या बन सकती है।
फ्लाइट टिकट पर दिखने लगा असर
ATF की कीमतें एयरलाइंस के कुल खर्च का लगभग 40% हिस्सा होती हैं। ऐसे में जैसे-जैसे फ्यूल महंगा हो रहा है, वैसे-वैसे फ्लाइट टिकट भी महंगे होते जा रहे हैं। हालांकि अभी गर्मियों में ट्रैवल डिमांड बनी हुई है, लेकिन आने वाले समय में इसका असर यात्रियों की संख्या पर भी पड़ सकता है।
भारतीय एयरलाइंस ने सरकार से मांगी मदद
भारत की बड़ी एयरलाइंस कंपनियों ने भी सरकार से राहत की मांग की है। Federation of Indian Airlines (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर ATF की कीमतों और टैक्स में राहत देने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं।
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क्या हो सकता है आगे का हाल?
अगर ATF की कीमतें और बढ़ती हैं या सप्लाई कम होती है, तो फ्लाइट्स कम हो सकती हैं और टिकट और महंगे हो सकते हैं। इससे ट्रैवल प्लान करना आम लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है।





