खबरवाणी
थाना प्रभारी वापसी…..आमला थाने की कमान फिर मुकेश ठाकुर के हाथ, एसपी ने 69 दिन बाद दोबारा सौंपा प्रभार
आमला। ट्रांसफर के फेर में उलझा थाना रविकांत डेहरिया का पांढुर्णा तबादला, हाईकोर्ट की फटकार के बाद लाइन हाजिर हुए ठाकुर की ‘सेकंड इनिंग’ शुरू
आमला पुलिस थाने की कमान एक बार फिर फेरबदल के दौर से गुजरी है। बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने मंगलवार को एक बड़ा आदेश जारी करते हुए मुकेश ठाकुर को दोबारा आमला थाना प्रभारी नियुक्त किया है। गौरतलब है कि करीब 19 दिन पहले तत्कालीन थाना प्रभारी रविकांत डेहरिया का स्थानांतरण पांढुर्णा जिले में हो गया था, जिसके बाद से नए प्रभारी को लेकर अटकलें तेज थीं। अब करीब 45 दिनों के अंतराल के बाद मुकेश ठाकुर अपनी ‘दूसरी पारी’ शुरू करने जा रहे हैं।
थाना प्रभारी ठाकुर पुराना कार्यकाल रहा था उतार-चढ़ाव भरा
मुकेश ठाकुर का आमला में पिछला कार्यकाल काफी चर्चाओं में रहा था। उन्हें 27 नवंबर 2025 को शाहपुर से आमला भेजा गया था। करीब 2 माह 14 दिन के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था पर पकड़ मजबूत की थी। हालांकि, एक पुराने मामले में जबलपुर हाईकोर्ट की सख्त फटकार के बाद 11 फरवरी 2026 को एसपी ने उन्हें लाइन अटैच कर दिया था। उनकी जगह रविकांत डेहरिया को जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन महज 19 दिन पहले पुलिस मुख्यालय भोपाल से डेहरिया का तबादला पांढुर्णा हो गया। इसी प्रशासनिक शून्यता को भरने के लिए पुलिस अधीक्षक ने पुराने अनुभवों को देखते हुए ठाकुर पर फिर भरोसा जताया है।
पुराने कार्यकाल में कानून व्यवस्था में दिखा सुधार
आमला थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर द्वारा अपने पुराने कार्यकाल 02माह 14 दिन के कार्यकाल में नगर की कानून व्यवस्था में सुधार नजर आया था आमला थाना प्रभारी पदभार ग्रहण करने के बाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत नगर में पूरे कार्यकाल में पुलिस की रात्रि की ग्रस्त में शक्ति नजर के लिए जाना जाता है, नगरीय क्षेत्र में अवैध गतिविधियां जुए एवं अवैध सट्टे के कारोबार पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए
सट्टे अवैध कारोबार पूर्ण रूप से बंद कराया गया जिससे कि अच्छे कार्यों के लिए आम नागरिकों द्वारा उनके कार्यों प्रशंसा की जाती रही है।
दूसरे कार्यकाल में आमला थाना प्रभारी के लिए सामने रहेगी चुनौतियां।
अवैध कारोबार: पिछले कुछ समय में थाना क्षेत्र के नगरीय और ग्रामीण इलाकों में अवैध सट्टे का कारोबार फिर से पैर पसार चुका है। इसे जड़ से उखाड़ना उनकी प्राथमिकता होगी।
चोरी की वारदातें: क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। इन पर अंकुश लगाना बड़ी चुनौती है।
कानून व्यवस्था: ग्रामीण अंचलों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और पुलिस का खौफ अपराधियों में पैदा करना उनके लिए मुख्य परीक्षा होगी।





