Search ई-पेपर ई-पेपर WhatsApp

एक्वा के नाम पर ठंडा पानी का बढ़ता कारोबार, 20 लीटर केन मे सप्लाई — लाइसेंस और गुणवत्ता जांच पर उठे सवाल

By
On:

खबरवाणी

एक्वा के नाम पर ठंडा पानी का बढ़ता कारोबार, 20 लीटर केन मे सप्लाई — लाइसेंस और गुणवत्ता जांच पर उठे सवाल

घरों, दुकानों, कार्यालयों से लेकर शादी-विवाह तक बढ़ा उपयोग, लेकिन नियमों के पालन और जांच व्यवस्था पर संदेह

बुरहानपुर
शहर में इन दिनों आरओ पानी का व्यवसाय तेजी से फैल रहा है। हजारों-लाखों रुपये का यह कारोबार अब संगठित रूप ले चुका है। 20 लीटर की पानी की केन सप्लाई की जा रही है, जो आम नागरिकों के लिए सस्ता विकल्प बन गई है। हालांकि, इस बढ़ते कारोबार के साथ-साथ लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण और पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल भी सामने आने लगे हैं।
हर क्षेत्र में बढ़ा उपयोग
बुरहानपुर शहर में आरओ पानी की मांग तेजी से बढ़ी है। अब यह पानी केवल घरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुकानों, छोटे-बड़े कार्यालयों, होटलों और विशेष रूप से शादी-विवाह जैसे आयोजनों में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।
गर्मी के मौसम और स्वच्छ पानी की आवश्यकता के चलते लोग बड़ी संख्या में 20 लीटर की केन मंगवा रहे हैं। सप्लाई करने वाले वाहन रोजाना शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में हजारों केन पहुंचा रहे हैं।
लाइसेंस और अनुमति पर सवाल
नियमों के अनुसार, आरओ पानी के व्यवसाय के लिए संबंधित विभागों से लाइसेंस लेना आवश्यक होता है। इसमें नगर निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति शामिल होती है।
लेकिन शहर में कई ऐसे प्लांट संचालित होने की बात सामने आ रही है, जिनके पास पूर्ण वैध अनुमति नहीं है या दस्तावेज अधूरे हैं। इस स्थिति में यह सवाल उठता है कि आखिर बिना उचित अनुमति के यह कारोबार कैसे संचालित हो रहा है।
क्या नियमित होती है जांच?
पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जांच अनिवार्य मानी जाती है। इसके तहत पानी के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाना चाहिए।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अधिकांश स्थानों पर यह जांच नियमित रूप से नहीं होती। कई मामलों में केवल कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाती है, जबकि वास्तविक निरीक्षण नहीं किया जाता। इससे यह आशंका बढ़ती है कि कहीं जांच के नाम पर लीपापोती तो नहीं हो रही।
स्वास्थ्य पर संभावित खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है, तो इससे लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। दूषित पानी के सेवन से पेट संबंधी रोग, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
कम कीमत के कारण लोग इस पानी पर अधिक निर्भर हो रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
शादी-विवाह में बढ़ा चलन
शहर में शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों में आरओ पानी की केन का उपयोग तेजी से बढ़ा है। बड़ी संख्या में केन एक साथ मंगाई जाती हैं, जिससे इस व्यवसाय को और अधिक बढ़ावा मिल रहा है।
आयोजकों के लिए यह सस्ता और आसान विकल्प है, लेकिन गुणवत्ता की जांच पर ध्यान कम दिया जाता है।
विभाग की भूमिका पर सवाल
इतने बड़े स्तर पर पानी का कारोबार होने के बावजूद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यदि बिना लाइसेंस या बिना नियमित जांच के प्लांट संचालित हो रहे हैं, तो यह लापरवाही का संकेत हो सकता है।
नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित पेयजल मिल सके।
जांच और कार्रवाई
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:
सभी आर ओ एक प्लांट्स की सूची सार्वजनिक की जाए
लाइसेंस और अनुमति की जांच की जाए
पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो

बुरहानपुर में आरओ पानी का बढ़ता कारोबार एक ओर जहां लोगों की जरूरत पूरी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है। सस्ती कीमत के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन गुणवत्ता और नियमों के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह मामला जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

For Feedback - feedback@example.com
Home Icon Home E-Paper Icon E-Paper Facebook Icon Facebook Google News Icon Google News