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मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार के प्रमाण छिपाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

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खबरवाणी

मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार के प्रमाण छिपाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

जांच दल ने कार्यों को पूर्ण और संतोषजनक बताया,जमीनी हकीकत इसके विपरीत

बैतूल। आठनेर जनपद पंचायत में मनरेगा और अन्य निर्माण कार्यों की जांच को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम खापा निवासी विशाल भालेकर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत आष्टी और ऊमरी में हुए कार्यों की जांच निष्पक्ष नहीं की गई और जांच अधिकारियों ने भ्रष्टाचार के प्रमाण छिपाकर भ्रामक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
शिकायत में बताया गया है कि आष्टी में मनरेगा के तहत बने अर्धन तालाब में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, वहीं सुरेश के खेत के पास बना चेक डेम पूरी तरह बह चुका है, जिसका वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध है। नागोराव के खेत स्थित अर्धन चेक डेम क्षेत्र में वर्तमान में खेती की जा रही है, जिससे निर्माण कार्य के अनुपयोगी होने की स्थिति सामने आती है। इन तथ्यों के बावजूद जांच दल ने कार्यों को पूर्ण और संतोषजनक बताया, जो आरटीआई से प्राप्त जानकारी और जमीनी हकीकत के विपरीत है।
वहीं ऊमरी ग्राम पंचायत में नानू के घर से बिसराम के घर तक सीसी नाली निर्माण के लिए 0.88 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इसके बावजूद 9600 रुपए खर्च दर्शाए गए। जांच में इस राशि को वसूली योग्य बताया गया, लेकिन अब तक राशि जमा नहीं कराई गई है, जिससे प्रशासनिक लापरवाही उजागर होती है।
आवेदक ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत आठनेर के अधिकारियों की मिलीभगत से जांच प्रभावित हुई। 17 मार्च 2026 को दिए गए आवेदन में आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज और साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं। शिकायत में मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने, आष्टी के कार्यों की दोबारा तकनीकी जांच कराने और ऊमरी में राशि की तत्काल वसूली की मांग की गई है।

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