केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8th Pay Commission को लेकर इन दिनों खूब चर्चा चल रही है। आम तौर पर जब भी वेतन आयोग की बात होती है तो लोग फिटमेंट फैक्टर या महंगाई भत्ता (DA) पर ध्यान देते हैं। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। नेशनल काउंसिल (JCM) की बैठक में एक ऐसा प्रस्ताव सामने आया है, जो अगर लागू हो गया तो सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 66% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
इस पूरे मुद्दे की जड़ है फैमिली यूनिट का नया फॉर्मूला। आइए इसे आसान देसी भाषा में समझते हैं।
फैमिली यूनिट फॉर्मूला आखिर है क्या?
सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी तय करने के लिए 1956 की इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस से एक फार्मूला लागू है। इसके मुताबिक एक कर्मचारी की सैलरी इस हिसाब से तय की जाती है कि वह 3 यूनिट के परिवार को संभालता है।
यानी इसमें कर्मचारी खुद, पत्नी और दो बच्चों को जोड़कर सैलरी की गणना की जाती है। यही वजह है कि इतने सालों से सरकारी वेतन ढांचे में इसी आधार को माना जाता रहा है।
अब 3 की जगह 5 फैमिली यूनिट की मांग क्यों उठी?
अब कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जमाना बदल चुका है। All India Defence Employees Federation के महासचिव सी. श्रीकुमार का कहना है कि आज के दौर में बच्चों की कानूनी जिम्मेदारी अपने माता-पिता की देखभाल करना भी होती है।
महंगाई बढ़ गई है, इलाज महंगा हो गया है और बुजुर्गों की देखभाल का खर्च भी बढ़ गया है। इसलिए अब परिवार की गिनती 3 नहीं बल्कि 5 यूनिट मानी जानी चाहिए। इसमें कर्मचारी, पत्नी, दो बच्चे और माता-पिता शामिल होंगे।
3 से 5 यूनिट होने पर सैलरी में कितना फर्क पड़ेगा?
अगर फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 कर दिया जाता है, तो सैलरी की गणना का पूरा गणित बदल जाएगा।
एक यूनिट बढ़ने पर बेसिक सैलरी लगभग 33.33% तक बढ़ सकती है। वहीं अगर सीधे 3 से 5 यूनिट कर दिया गया तो बेसिक पे में करीब 66.66% तक उछाल आने की संभावना जताई जा रही है।
यही वजह है कि सरकारी कर्मचारियों के बीच यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।
उदाहरण से समझिए सैलरी का पूरा गणित
मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹78,800 है।
अगर फिटमेंट फैक्टर 1.76 ही रहता है, तो नई बेसिक सैलरी लगभग ₹1,38,688 हो सकती है।
लेकिन अगर सरकार 5 फैमिली यूनिट वाला फार्मूला लागू करती है और फिटमेंट फैक्टर 2.42 तक पहुंच जाता है, तो उसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी करीब ₹1,90,676 तक जा सकती है।
यानी सीधे-सीधे वेतन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
क्या सच में लागू होगा यह नया फॉर्मूला?
देखा जाए तो कर्मचारियों की यह मांग काफी हद तक तर्कसंगत मानी जा रही है। महंगाई, स्वास्थ्य खर्च और पारिवारिक जिम्मेदारियां पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
लेकिन आखिर में फैसला सरकार को ही लेना है। सरकार को यह भी देखना होगा कि खजाने पर कितना बोझ पड़ेगा और बजट क्या कहता है।
अगर 8th Pay Commission इस नए फैमिली यूनिट फॉर्मूले को मान लेता है, तो यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए इतिहास की सबसे बड़ी सैलरी बढ़ोतरी साबित हो सकती है।
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