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सावंगी में शिव–कामाख्या मंदिर भूमि विवाद गहराया, चाचा-चाची पर अतिक्रमण व दबाव बनाने के आरोप, थाना आठनेर में एफआईआर की मांग
आठनेर (बैतूल)। ग्राम सावंगी में सार्वजनिक शिव–कामाख्या मंदिर की भूमि को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंदिर निर्माण से जुड़े रविन्द्र मानकर ने अपने ही चाचा-चाची एवं उनके सहयोगियों पर अतिक्रमण, धार्मिक कार्यों में बाधा, भीड़ एकत्रित कर धमकी देने, झूठे आरोप लगाकर छवि धूमिल करने तथा सामाजिक वैमनस्य फैलाने के आरोप लगाते हुए थाना आठनेर में लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
रविन्द्र मानकर के अनुसार वे ग्राम में सार्वजनिक शिव (कामाख्या) मंदिर का निर्माण अपने निजी साधनों एवं श्रद्धालुओं के सहयोग से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे माँ कामाख्या देवी की मूर्ति स्थापना का संकल्प अपने गुरु के मार्गदर्शन में लेकर सनातन परंपरा के अनुसार धार्मिक कार्य कर रहे हैं। इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं तथा मामला सिविल न्यायालय भैंसदेही में विचाराधीन है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके चाचा रघुनाथ मानकर एवं चाची गीता मानकर, जो वर्तमान में मंदिर से संबंधित समिति की अध्यक्ष बताई जा रही हैं, द्वारा मंदिर भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है तथा धार्मिक गतिविधियों में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही है। उनका कहना है कि समिति के पद का दुरुपयोग कर उनके विरुद्ध झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और गांव में भ्रामक प्रचार कर धार्मिक एवं सामाजिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 07 नवंबर 2025 को बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित कर उन्हें एवं उनके परिवार को डराया-धमकाया गया था। इस घटना की शिकायत थाना आठनेर में दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ और लगातार दबाव बनाया जाता रहा।
रविन्द्र मानकर ने बताया कि 17 फरवरी 2026 को पुनः 100 से अधिक लोगों की भीड़ उनके घर के पास एकत्रित हुई, गाली-गलौज की गई तथा झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी गई। इस दौरान उनकी माता के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे पूरा परिवार भयभीत एवं असुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालयीन प्रक्रिया लंबित होने के बावजूद विरोधी पक्ष द्वारा सामाजिक दबाव बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके अनुसार इससे गांव में तनाव की स्थिति बन रही है और भविष्य में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
आवेदन में संबंधित व्यक्तियों की पृष्ठभूमि एवं भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई है। इसमें कहा गया है कि चाचा रघुनाथ मानकर पूर्व में टेमुरनी निवासी थे, उनकी प्रथम पत्नी का निधन हो चुका है तथा पूर्व में एक महिला से छेड़छाड़ के प्रकरण में उन्हें सजा भी हो चुकी है। उनका द्वितीय विवाह ग्राम के दवन्डे परिवार में हुआ था। वहीं चाची गीता मानकर वर्तमान में मंदिर समिति की अध्यक्ष बनी हुई हैं। शिकायतकर्ता ने समिति में पद के दुरुपयोग एवं पूरे विवाद में उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रविन्द्र मानकर ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं में अपराध दर्ज करने, शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु ठोस कदम उठाने की मांग की है।
इस मामले को लेकर ग्राम में धार्मिक एवं सामाजिक माहौल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अब पुलिस जांच के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






