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सनातन ब्राह्मण महासभा के स्नेह-मिलन में उमड़ा समाज, ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंचाई 15 सूत्रीय मांगें
गौ माता को राज्य माता का दर्जा और पाठ्यक्रम में शामिल हो गीता: सनातन ब्राह्मण महासभा ने उठाई हुंकार
नरसिंहपुर: सनातन ब्राह्मण महासभा नरसिंहपुर द्वारा आयोजित वार्षिक स्नेह-मिलन समारोह एवं सहभोज के अवसर पर समाज की एकजुटता देखने को मिली। इस गरिमामय आयोजन के दौरान महासभा ने सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विकास को लेकर एक व्यापक 15 सूत्रीय मांग पत्र स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। ज्ञापन में गौ, गीता, नर्मदा और संस्कृत के संरक्षण को सर्वोपरि रखते हुए गौ माता को राज्य माता घोषित करने और हर निकाय व ग्राम स्तर पर गौ-सेवकों की नियुक्ति के साथ रिक्त शासकीय भूमि गौशालाओं को सौंपने की मांग की गई है। साथ ही मां नर्मदा की निर्मलता बनाए रखने, मंदिरों को अतिक्रमण मुक्त कर उनके जीर्णोद्धार और श्रीमद् भागवत गीता को शिक्षण पाठ्यक्रमों में शामिल करने की वकालत की गई है। महासभा ने सामान्य वर्ग के हितों पर जोर देते हुए आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण (ईडब्ल्यूएस) परिवारों के लिए स्थाई प्रमाण पत्र जारी करने, आयु सीमा व शिक्षण शुल्क में छूट देने और स्थानीय निकायों में अन्य आरक्षित वर्गों की भांति स्थान आरक्षित करने की मांग उठाई है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नरसिंहपुर की आवश्यकताओं को देखते हुए जिले में संस्कृत, योग, आयुर्वेद, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और कृषि महाविद्यालय खोलने का आग्रह किया गया है। साथ ही संस्कृत पाठशालाओं के आधुनिकीकरण और आचार्यों की नियमित भर्ती की बात भी कही गई है। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए बिना जांच के गिरफ्तारी न करने, पुजारियों व कर्मकांडी ब्राह्मण परिवारों को असंगठित क्षेत्र के श्रमिक लाभ देने और शासकीय सेवकों को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल किए गए हैं। इस दौरान महासभा के पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों से इन मांगों पर शासन स्तर पर त्वरित संज्ञान लेने की अपील की है





