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ताप्ती नदी तट पर स्थित लंगड़े हनुमान मंदिर पर भव्य भंडारे का आयोजन
हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, धार्मिक वातावरण में हुआ आयोजन
बुरहानपुर।
ताप्ती नदी के पावन तट पर, खातू घाट किनारे स्थित प्राचीन एवं आस्था का केंद्र लंगड़े हनुमान मंदिर में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी भव्य भंडारे का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया तथा लंगड़े हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
सुबह से ही मंदिर परिसर और ताप्ती नदी किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। भक्तगण दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचे। मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित इस भंडारे में सभी लोगों ने बिना किसी भेदभाव के सहभागिता की, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
सुबह से शुरू हुआ आयोजन, दिनभर चला भंडारा
मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पुजारियों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ लंगड़े हनुमान जी की आरती की गई, जिसके बाद भंडारे का शुभारंभ किया गया। दोपहर से लेकर देर शाम तक भंडारा निरंतर चलता रहा, जिसमें श्रद्धालुओं को ससम्मान प्रसाद वितरित किया गया।
भंडारे में व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।
भोजन तैयार करने से लेकर वितरण तक पूरी प्रक्रिया में और सफाई को प्राथमिकता दी गई। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
श्रद्धालुओं में दिखा विशेष उत्साह
भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई परिवार पूरे दिन मंदिर परिसर में उपस्थित रहे और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने बताया कि लंगड़े हनुमान मंदिर से उनकी गहरी आस्था जुड़ी हुई है और भंडारे में भाग लेना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि ताप्ती नदी के किनारे स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक सेवा और परोपकार का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। भंडारा होता है और समाज में सहयोग की भावना मजबूत होती है।
मंदिर समिति व स्थानीय नागरिकों का रहा सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति, स्थानीय नागरिकों और महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन से पूर्व ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, पानी और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक पहलुओं पर ध्यान दिया गया।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रतिवर्ष इस प्रकार का भंडारा आयोजित करने का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवता की सेवा करना भी है। समिति ने सभी सहयोगकर्ताओं और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
भंडारे के आयोजन के दौरान व्यवस्था एवं दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई
आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
आस्था और सेवा का प्रतीक बना आयोजन
कुल मिलाकर, ताप्ती नदी के किनारे बसे लंगड़े हनुमान मंदिर पर आयोजित यह भंडारा आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। अंत में श्रद्धालुओं ने लंगड़े हनुमान जी से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।





