Belly Button Odor: नाभि यानी पेट की नाल का हिस्सा हमारे शरीर का बेहद अहम केंद्र माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार नाभि से शरीर की कई नसें जुड़ी होती हैं, इसलिए इसकी साफ-सफाई और देखभाल बहुत जरूरी है। लेकिन कई लोगों को नाभि से बदबू आने की समस्या रहती है, जो अक्सर शर्मिंदगी का कारण भी बन जाती है। अच्छी बात यह है कि इसके पीछे के कारण आम होते हैं और सही देखभाल से इस परेशानी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।
नाभि से बदबू आने के मुख्य कारण
नाभि की बनावट ऐसी होती है कि वहां नमी जल्दी जमा हो जाती है। अगर इस हिस्से की नियमित सफाई न की जाए, तो बदबू की समस्या शुरू हो जाती है। आयुर्वेदिक न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक नाभि की अनदेखी पूरे शरीर पर असर डाल सकती है।
नाभि में गंदगी जमा होना
पसीना, धूल-मिट्टी और मरी हुई त्वचा की परतें नाभि के अंदर जमा हो जाती हैं। यही गंदगी धीरे-धीरे बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है, जिससे बदबू आने लगती है। खासकर गर्मियों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
बैक्टीरिया और फंगस का बढ़ना
नाभि का हिस्सा अक्सर नम रहता है। नमी और गंदगी मिलकर बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन को जन्म देती है। इसी वजह से नाभि से तेज और अजीब सी गंध आने लगती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो इन्फेक्शन बढ़ भी सकता है।
ज्यादा पसीना और तेलीय त्वचा
कुछ लोगों को ज्यादा पसीना आता है और त्वचा भी ऑयली होती है। ऐसे में नाभि के आसपास प्राकृतिक तेल और पसीना जमा होकर बदबू का कारण बनता है। यह समस्या मोटापे या टाइट कपड़े पहनने से भी बढ़ सकती है।
गहरी या अंदर की ओर धंसी नाभि
जिन लोगों की नाभि अंदर की ओर ज्यादा धंसी होती है, उनमें गंदगी और नमी ज्यादा जमा होती है। इससे बदबू आने की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे लोगों को नाभि की सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए।
इन्फेक्शन या सिस्ट का संकेत
अगर नाभि से बहुत ज्यादा बदबू आए, साथ में दर्द, लालपन या बदबूदार पानी निकले, तो यह किसी इन्फेक्शन या सिस्ट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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नाभि को सही तरीके से कैसे साफ करें
सबसे पहले हाथ अच्छी तरह धो लें।
फिर हल्के साबुन को उंगलियों या गीले कपड़े पर लगाकर नाभि के अंदर धीरे-धीरे साफ करें।
अगर नाभि गहरी है, तो कॉटन बड की मदद लें और हर बार साफ कॉटन इस्तेमाल करें।
इसके बाद गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें।
आखिर में सूखे कपड़े से नाभि को पूरी तरह सुखा लें, ताकि नमी न रहे।




