अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठा लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘वर्ल्ड-क्लास टेंपल म्यूज़ियम’ प्रोजेक्ट का दायरा और ज़्यादा बढ़ाने को मंज़ूरी दे दी गई है। यह म्यूज़ियम अब कुल 52.102 एकड़ में बनाया जाएगा, जिसके लिए यूपी सरकार और टाटा सन्स के बीच एमओयू को अंतिम रूप दिया गया है।
प्रोजेक्ट का दायरा दोगुने से भी ज़्यादा
शुरुआत में यह म्यूज़ियम सिर्फ 25 एकड़ नज़ूल भूमि पर प्रस्तावित था। लेकिन टाटा सन्स ने इसकी भव्यता और वैश्विक स्तर को देखते हुए ज़्यादा ज़मीन की मांग की। सरकार ने मांग स्वीकार करते हुए 27.102 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी उपलब्ध करा दी। अब पूरा प्रोजेक्ट 52.102 एकड़ में तैयार होगा।
पर्यटन विभाग को सौंपी जाएगी ज़मीन
सरकारी जानकारी के मुताबिक, यह पूरी भूमि हाउसिंग एवं अर्बन प्लानिंग विभाग से पर्यटन विभाग में निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इसके बाद यह ज़मीन 90 साल की अवधि के लिए टाटा सन्स को लीज़ पर दी जाएगी, ताकि म्यूज़ियम का विकास बिना किसी रुकावट के हो सके।
टाटा सन्स अपने CSR फंड से करेगा निर्माण
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स इस मेगा प्रोजेक्ट को CSR फंड के तहत विकसित करेगा। इसके लिए एक गैर-लाभकारी संस्था (Section 8 कंपनी) बनाई जाएगी जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य है कि पूरा प्रोजेक्ट पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार हो।
अयोध्या को मिलेगी नई सांस्कृतिक पहचान
सरकार का मानना है कि यह ‘टेंपल म्यूज़ियम’ ना सिर्फ अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को संजोएगा, बल्कि इसे विश्वस्तरीय धार्मिक–पर्यटन हब के रूप में उभारने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इसके बनने से स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे।
सितंबर 2024 में हुआ था त्रिपक्षीय समझौता
गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार, यूपी सरकार और टाटा सन्स के बीच 3 सितंबर 2024 को त्रिपक्षीय एमओयू साइन किया गया था। उसी समझौते के बाद अब परियोजना को और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।





