खबरवाणी
भट्टो पर ईट बनाने के लिए जमकर हो रहा है अवैध उत्खन्न ,अवैध उत्खन्न से पहाडी हुई गायब
पारेगांव, कामथ सहित आसपास के ग्रामों में ईट भटटो पर जमकर चल रहा है मुरम, मिटटी उत्खन्न का कारोबार
मुलताई। नगर सीमा से सटे ग्राम पारेगांव एवं कामथ में ईट भटटो पर अवैध उत्खन्न का गोरख धंधा जमकर चल रका है। ईट बनाने के लिए मुरम मिटटी की जमकर खुदाई कर ईट का निर्माण किया जा रहा है। बताया जाता है कि अधिकाशंत ईट भटटा संचालक बिना अनुमति के ईट भटटो का संचालन कर रहे है । ईट भटटो के संचालन के संबधं में बताया जाता है कि प्रजापति कुम्हार समाज को ईट भटटो में छुट प्रदान की गई । लेकिन यह देखने में आ रहा है प्रजापति समाज के लोगो को छोड कर भी कई लोग ईट भटटो का संचालन उसी आधार पर कर रहे । सूत्र बताते है कि कुछ लोगो द्वारा प्रजापति समाज के लोगो के नाम स्वयं ही ईट भटटो का संचालन कर रहे है। ईट भटटा संचालन के लिए उनके द्वारा कोई अनुमति नही ली गई है। कुछ लोगो द्वारा कुम्हार एवं आदिवासी समाज के लोगो की भूमि को किराए पर लेकर ईट भटटा चलाया जा रहा है। क्षेत्र में करीब एक सैकडा से अधिक ईट भटटो का संचालन किया जा रहा है। ईट भटटा संचालको द्वारा ईट बनाने के लिए पृथक से कोई जमीन नही ली गई है जो कि अपने आस पास स्थित जमीन में अवैध रूप से खुदाई कर मिटटी एवं मुरम एकत्रित कर ईटों का निर्माण कर रहे है।
पारेगांव में अवैध उत्खन्न से आधी से ज्यादा पहाडी हुई गायब
ईट भटटा संचालको द्वारा ईट बनाने के लिए अवैध रूप से किसी भी जमीन पर बिना अनुमति के खुदाई कर मिटटी एवं मुरम का परिवहन किया जाता है। सूत्र बताते है कि ग्राम पारेगांव में ईट भटटो के समीप स्थित एक पहाडी पर अवैध रूप से उत्खन्न पहाडी गायब कर दी गई है। पहाडी से निकली मुरम मिटटी का उपयोग ईट बनाने में किया जा रहा है। यह भी देखने में आया है कि ईट बनाने के लिए शासकीय भूमि से भी लगातार मुरम एवं मिटटी निकाल कर ईट भटटो पर पहुचाई जा रही है। इस संबध में पटवारियों द्वारा भी अपने राजस्व अधिकारियों को इस संबधं में अवगत नही कराया जा रहा है। जिससे अवैध उत्खन्न का कार्य बेरोक टोक जारी है।
क्षेत्र में एक सैकडा से अधिक ईट भटटे हो रहे है संचालित
मुलताई अनुविभाग में ग्राम कामथ, पारेगांव, प्रभात पटटन, सहित कई ग्रामों में बिना अनुमति एक सैकडा से अधिक ईट भटटे संचालित किए जा रहे है। जिनके द्वारा खनिज विभाग से किसी प्रकार की कोई अनुमति नही ली गई है। ईट भटटा संचालको द्वारा किसी भी तरह मिटटी और मुरम का इंतजाम कर ईट भटटों का संचालन कर ईटे बनाई जा रही है। जो ईटे मंहगें दामों पर विक्रय की जा रही है। ईट भटटो की ओर किसी का ध्यान नही होने से ईट भटटो का संचालन बेरोक टोक जारी है। कई ईट भटटा संचालकों द्वारा प्रजापति समाज के लोगो के नाम पर अनुमति लेकर ईट भटटे संचालित किए जा रहे है।
ईट पकानें के लिए कोयला चुरी का हो रहा है उपयोग
ईट भटटा संचालको द्वारा कच्ची ईटो को पकाने के लिए कोयला चुरी का उपयोग किया जाता है । क्षेत्र में कोयला कहां से आ रहा है। इसका भी कोई वैधानिक बिल ईट भटटा संचालको के पास नही होता है। बताया जाता है कि क्षेत्र के कुछ ट्रक व्यवसायी ट्रक से अवैध रूप से अवैध खदानों से कच्चा कोयला लाकर ईट भटटा संचालको को विक्रय कर रहे है। इस तरह ईट भटटो पर अवैध रूप से कोयले की आपूर्ति की जा रही है।
पारेगांव में एक ही स्थान पर मिल जाता है इमारत निर्माण के लिए निर्माण सामग्री
नगर से सटे ग्राम पारेगांव में एक ही ईट भटटे पर भवन निर्माण सामग्री उपलब्ध हो जाती है। पारेगांव में भटटो पर निर्माण से संबधित रेत, गिटटी,ईट, मुरम, पानी सभी सामान की व्यवस्था रखी गई है। भवन निर्माता को बस एक फोन करने की जरूरत है। आवश्यक सामग्री बिना देरी के निर्माण स्थल पर पहुच जाती है। इस संबध में भटटो के पास बोर्ड भी लगाए गए है।





