खबरवाणी
जमीन के सौदे में धोखाधड़ी का आरोप, एसपी से शिकायत
डिजिटल हस्ताक्षर के नाम पर प्लाट हड़पने का खेल
एजेंट ने कराया फर्जी सौदा, महिला ने कब्जा जमाकर गिराया टपरा
बैतूल। जमीन के सौदे में धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आया है। मुलताई तहसील के ग्राम नरखेड निवासी ओमप्रकाश शंकरलाल साहू ने पुलिस अधीक्षक बैतूल को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि अनावेदक प्लाट क्रय-विक्रय का एजेंट है, उसने छलपूर्वक उनके साथ लाखों की ठगी की है।
आवेदक के अनुसार अनावेदक अर्पित ने खंजनपुर दुर्गा वार्ड, बैतूल स्थित प्लाट खसरा नंबर 36/67 (20×50 वर्गफीट) दिखाया था और उसे बेचने की मध्यस्थता की थी। इस दौरान क्रेता का पुत्र कमलेश भी साथ था। सौदे के दौरान ओमप्रकाश साहू ने एजेंट अर्पित को एक लाख रुपये कमीशन के रूप में नकद दिए थे। पीड़ित की पत्नी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने के कारण ओमप्रकाश इलाज में व्यस्त रहते थे, जिसका फायदा उठाकर अनावेदक ने सौदे में साजिश रच दी।
उन्होंने बताया कि सौदे की पूरी प्रक्रिया के दौरान अर्पित ने क्रेता-विक्रेता को आमने-सामने नहीं होने दिया और केवल रजिस्ट्री के दिन ही मुलाकात कराई। रजिस्ट्री के समय दस्तावेज दिखाए बिना डिजिटल हस्ताक्षर करा लिए गए। दो माह बाद पता चला कि उसी प्लाट की रजिस्ट्री में चतुर्सीमा में हेराफेरी कर किसी महिला के नाम कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, उक्त महिला ने मौके पर पहुंचकर ओमप्रकाश को धमकाया, गाली-गलौज की और उनके प्लाट पर बना कच्चा टपरा तोड़ दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को की है। ओमप्रकाश साहू ने बताया कि अनावेदक अर्पित पर इससे पहले भी फर्जी रजिस्ट्री कर जमीन के लेन-देन में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
उन्होंने बताया कि जांच समिति ने पहले भी एक मामले में मौके पर पंचनामा बनाया था, लेकिन उस समय अनावेदक वहां से नदारद रहा। फोन पर समझौते की बात कहने के बाद भी वह लगातार धमकियां देता रहा। ओमप्रकाश साहू ने कहा कि अनावेदक अब उन्हें डरा-धमकाकर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक बैतूल से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की मांग की है।





