Brain Eating Amoeba Symptoms:केरल में इन दिनों एक बेहद खतरनाक बीमारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रेन ईटिंग अमीबा (Naegleria fowleri) नाम का यह जीवाणु अब तक 80 लोगों में पाया जा चुका है, जिसमें से 21 लोगों की जान जा चुकी है। यह अमीबा दिमाग में संक्रमण फैलाता है और प्राइमरी अमीबिक मेनिन्गोएन्सेफलाइटिस (PAM) नामक बीमारी का कारण बनता है। यह सीधा सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर असर डालता है और अधिकतर मामलों में मौत का कारण बनता है। आइए जानते हैं इसके लक्षण, बचाव और इलाज।
ब्रेन ईटिंग अमीबा के शुरुआती लक्षण
जब यह अमीबा शरीर में प्रवेश करता है तो शुरुआती लक्षण दिखने लगते हैं। संक्रमित पानी के नाक में जाने के 1 से 9 दिन के अंदर लगातार सिरदर्द, तेज बुखार, मतली और उल्टियां शुरू हो जाती हैं।
बढ़ते संक्रमण के गंभीर संकेत
जब संक्रमण गहरा जाता है तो गर्दन में अकड़न, दिमागी उलझन, दौरे पड़ना और कोमा में जाना जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यही वजह है कि समय पर इलाज बेहद जरूरी है, वरना संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है।
ब्रेन ईटिंग अमीबा फैलता कैसे है?
यह खतरनाक अमीबा गर्म और ताजे पानी में पनपता है। अगर संक्रमित पानी नाक के जरिए शरीर में चला जाए तो यह सीधे दिमाग तक पहुंच जाता है। स्विमिंग, डाइविंग या किसी भी संक्रमित पानी में खेलते समय यह संक्रमण होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
संक्रमण से बचाव के उपाय
इस घातक संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है कि आप गर्म ताजे पानी में तैराकी से बचें।
- नाक साफ करने या नेजल स्प्रे के लिए नल का पानी न इस्तेमाल करें, केवल डिस्टिल्ड या उबला हुआ पानी लें।
- पानी को हमेशा NSF 53 या NSF 58 सर्टिफाइड फिल्टर से छानें।
- नाक की सफाई के लिए क्लोरीन ब्लिच टैबलेट्स का उपयोग किया जा सकता है।
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ब्रेन ईटिंग अमीबा का इलाज
इस बीमारी का इलाज आसान नहीं है, लेकिन डॉक्टर एंटी-फंगल और एंटी-माइक्रोबियल दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में इसे पूरी तरह से ठीक करना कठिन होता है, लेकिन शुरुआती स्तर पर पहचान कर इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।





