सडक़ से मवेशी हटाने का अभियान हवा हुआ
नपा ने एक 5 सुपरवाईजरों के साथ बनाई थी 50 लोगों की टीम, सडक़ पर मवेशियों का आतंक बरकरार
सांध्य दैनिक खबरवाणी, बैतूल
नगरपालिका द्वारा चलाए जाने वाले अभियान केवल मुंह दिखाई ही साबित हो रहे हैं, अतिक्रमण हटाओ अभियान में तो भेदभाव का आरोप तक लोग लगा देते हैं, वहीं कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद नगरपालिका ने ज्याद ट्रैफिक वाली सडक़ों से मवेशियों को हटाने का अभियान चलाया था, इस अभियान को शुरू हुए 10 से 12 दिन ही हुए हैं, कुछ मवेशियों को नगरपालिका की टीम ने सडक़ों से पकडक़र गौशाला भी भेजा है, लेकिन मवेशियों की संख्या सडक़ों से अब भी कम नहीं हुई है और ये मवेशी स्कूल, कॉलेज, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने की सडक़ों पर जमा हो रहे हैं जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
बैतूल में आवारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार को नगर पालिका के 50 कर्मचारियों और 5 सुपरवाइजर की टीम ने हमलापुर रोड और गंज क्षेत्र से 62 मवेशियों को पकडक़र कढ़ाई गोशाला भेजा गया था। हालंाकि नगर में आवारा पशुओं की संख्या इतनी ज्यादा है कि उन्हें एक या दो गौशाला में नहीं रखा जा सकता उसके लिए बड़े परिसर की आवश्यकता है, जिसका कोई प्लान अभी नगरपालिका के पास नहीं है। प्रदेश सरकार ने भी फोरलेन से मवेशियों को हटाने के लिए भी योजना बनाई है जिसके क्रियान्वयन में भी जगह की ही समस्या आ रही है।
दोपहर 12 बजे के बाद आवारा पशुओं को पकडऩे के लिए मौजूद नहीं रहता अमला
मंगलवार को दोपहर 3 बजे के आस-पास सदर के एक जागरूक नागरिक द्वारा नगरपालिका परिषद में मवेशियों को पकडऩे के लिए फोन किया था। इस पर उन्हें जवाब दिया गया कि दोपहर 12 बजे के बाद आवारा पशुओं को पकडऩे वाला अमला मौजूद नहीं रहता है आप कल फोन कर लीजियेगा, इस पर उस नागरिक ने नगरपालिका के कर्मचारी को जवाब दिया कि मैं पशुओं से बोल दूंगा कि वे कल 12 बजे के पहले आएं। जबकि कर्मचारियों को 5 बजे तक नगरपालिका परिषद में ड्यूटी पर उपलब्ध होना चाहिए ताकि कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार आवारा पशुओं को यातायात व्यवस्था का सुगम किया जा सके।
नगरपालिका ने पशु मालिकों पर लगाया था जुर्माना
नगर पालिका ऐसे पशु मालिकों से भी जुर्माना वसूल रही है जो अपने मवेशियों को खुला छोड़ रहे हैं। साथ ही मवेशियों के चारे-पानी का खर्च भी उनसे लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गौवंश को व्यवस्थित तरीके से गोशाला में रखा जाएगा। इससे सडक़ों पर मवेशियों की मौजूदगी से होने वाली परेशानी से लोगों को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य निरीक्षक संतोष धनेलिया ने बताया कि पिछले सप्ताह तक इस अभियान में 200 मवेशियों को पकडक़र गौशाला भेजा गया था,यह अभियान लगातार जारी है।





