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भोपाल में क्लोरीन गैस के रिसाव से दहशत, आसपास की फैक्ट्रियां कराई गईं खाली

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भोपाल : राजधानी के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को क्लोरीन गैस का रिसाव होने से दहशत फैल गई. कुछ ही देर के अंदर आसपास के लोगों पर इस गैस का बुरा असर भी दिखने लगा, जिससे गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में अफरातफरी मच गई. जिस फैक्ट्री में क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ उसके आसपास करीब आधा किलोमीटर के दायरे में लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की खबरें सामने आने लगीं. आनन-फानन में नगर निगम, पुलिस प्रशासन के साथ एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं.

क्लोरीन के बैग किए गए डिफ्यूज

नगर निगम भोपाल के फायर आफीसर सौरभ पटेल ने बताया, '' गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र. में स्थित हिंद फार्मा फैक्ट्री के पास ADISH फैक्ट्री में दोपहर करीब 1.30 बजे क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ. लेकिन घटना के समय औद्योगिक क्षेत्र में बिजली गुल थी. पहले बिजली चालू कर फैक्ट्री के एग्जास्ट फैन चलवाए गए, जिससे धुआं बाहर निकले. इसके बाद क्लोरीन के बैग बाहर निकालकर डिफ्यूज किए गए.''

 

3 घंटे की मशक्क्त के बाद स्थिति हुई नियंत्रित

सौरभ पटेल ने बताया, '' घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के फायर ब्रिगेड के साथ बिजली कंपनी की टीमें भी मौके पर पहुंच गई थीं. एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के साथ एसडीईआरएफ की टीमें भी यहां थीं. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति पर काबू पाकर लोगों को भरोसा दिलाया कि यह सिर्फ रासायनिक प्रतिक्रिया से उठने वाला धुआं था, कोई बड़ा रिसाव नहीं हुआ. करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद क्लोरीन गैस पर नियंत्रण पा लिया गया.

आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे लोग दहशत में आए

गोविंदपुरा में दोपहर करीब डेढ़ बजे फैक्ट्री के आसपास सफेद धुआं उठता देख लोगों को लगा की आग लगी है. नगर निगम के फायर कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना दी गई. फायर फाइटर्स मौके पर पहुंचे और जहां से धुआं उठ रहा था, वहां पानी का छिड़काव किया, लेकिन पानी पड़ते ही धुआं और अधिक फैल गया, जो हवा के साथ इंद्रपुरी तक पहुंच गया. धुएं से कुछ लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी.

स्थिति बिगड़ते देख फायर फाइटर्स ने आसपास के दफ्तरों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया. साथ ही फायर अमले ने सेफ्टी सूट पहनकर धुएं के स्रोत की पड़ताल की तो पता चला कि फैक्ट्री में ड्राय क्लोरीन के करीब 30 बैग रखे हुए थे. इनमें नमी लगने की वजह से गैस का रिसाव हो रहा था. जबकि पानी पड़ते ही गैस और तेजी से फैलने लगी थी.

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