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भू-राजनीतिक तनावों पर चीन का सख्त रुख, सुरक्षा पर जोर

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चीन ने एक व्हाइट लेटर जारी कर पूरे एशिया पैसिफिक में आने वाले संभावित खतरे से आगाह किया है. बीजिंग ने सोमवार को व्हाइट लेटर में कहा कि एशिया पैसिफिक क्षेत्र में शीत युद्ध फिर से गरमा सकता है. साथ ही इसमें कहा गया है कि चीन को बिगड़ते भू-राजनीतिक माहौल में घरेलू राजनीतिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना होगा.

इस व्हाइट लेटर में चीन ने पश्चिमी ताकतों पर निशाना साधा है और पूरे क्षेत्र को इन ताकतों से सावधान रहने के लिए कहा है. चीन की कैबिनेट के राज्य परिषद की ओर से जारी ‘नए युग में चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा’ रिपोर्ट के मुताबिक, “शत्रुतापूर्ण ताकतों द्वारा वैचारिक तोड़फोड़ को रोका जाना चाहिए और कम्युनिस्ट पार्टी के शासन की गारंटी दी जानी चाहिए, क्योंकि देश बढ़ते बाहरी सुरक्षा दबाव के साथ-साथ अभूतपूर्व रूप से जटिल जोखिमों का सामना कर रहा है.”

चीन को क्यों सताया डर?
ट्रंप की वापसी के बाद से चीन के अमेरिका और उसके समर्थकों के साथ ट्रेड युद्ध छिड़ गया है. अमेरिका चीन को घेरने के लिए चीन दुश्मन देशों को पहले से मदद दे रहा है, अब उसको आर्थिक और व्यापारिक तौर से घेरने में लग गया है. खबरों के मुताबिक पत्र में कहा गया है कि पश्चिम में चीन विरोधी ताकतें चीन को रोकने, दबाने और नियंत्रित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं. वे ‘पश्चिमीकरण और विभाजन’ की रणनीति को लागू कर रही हैं और चीन के खिलाफ घुसपैठ और तोड़फोड़ की गतिविधियों को अंजाम दे रही हैं.

टैरिफसमझौते वाले दिन जारी हुआ पत्र
ये पत्र ऐसे समय में जारी हुआ है जब चीन और अमेरिकी ने अपने टैरिफ वार पर 90 दिनों का सीजफायर लगाया है. दोनों देशों ने एक समझौते के तहत टैरिफ को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है. व्यापार तनाव में थोड़ी कमी के बावजूद, विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच प्रतिद्वंद्विता कई मोर्चों पर बनी रहने की संभावना है.

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