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रोली लगे सिक्के को लाल कपड़े में बांधें, फिर चुपके से रख दें इस जगह, हो जाएंगे वारे-न्यारे

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हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत अधिक महत्व माना जाता है. सालभर कुल 24 एकादशी पड़ती है, एक हर माह के कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष में आती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी तिथि विष्णु जी को समर्पित होती है और इस दिन उनके निमित्त कई लोग व्रत भी रखते हैं. बता दें कि फिलहाल वैशाख का महीना चल रहा है और इस माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है.

हर एकादशी की तरह वरुथिनी एकादशी का भी अलग महत्व है. शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति पूरी श्रद्धाभाव के साथ वरुथिनी एकादशी का व्रत रखता है उसे 10 हजार वर्षों की तपस्या के बराबर फल प्राप्त होता है. इस दिन व्रत रखने व पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को मानसिक सुख, धन-यश, वैभव सहित कई कष्टों से मुक्ति भी मिलती है. इसके अलावा ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, वरुथिनी एकादशी के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जातक को पारिवारिक क्लेश सहित कई परेशानियों से छुटकारा मिलता है. तो आइए ज्योतिषाचार्य व वास्तु सलाहकार डॉ अरविंद पचौरी से उन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

वरुथिनी एकादशी कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार वरुथिनी एकादशी का व्रत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 24 अप्रैल को रखा जाएगा. एकादशी तिथि 23 अप्रैल को शाम 4 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी और 24 अप्रैल को दोपहर 3 बजकर 01 मिनट तक रहेगी. किंतु हिंदू धर्म में उदयातिथि मान्य होती है इसलिए वरूथिनी एकादशी का व्रत 24 अप्रैल के दिन रखा जाएगा.

वरुथिनी एकादशी के दिन करें ये उपाय
मान्यताओं के अनुसार वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने से जातक को सौभाग्य की वृद्धि होती है और साथ ही साथ अगर घर में गृह क्लेश की स्थिति बनी हुई तो इस दिन उपाय करने से वो भी टल जाती है.

बिजनेस बढ़ाने के लिए करें ये उपाय
अगर आपको बिजनेस में कई दिनों से नुकसान झेलना पड़ रहा है तो ऐसे में आपको वरुथिनी एकादशी का व्रत करना चाहिए और भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद पाने के लिए उनके सामने एक घी ता दीपक जलाकर 11 या फिर 21 बार ‘ऊँ नमो भगवते नारायणाय नमः’ मंत्र का जाप करें. इससे आपके बिजनेस में बढ़ोतरी होती है.

व्यापार में लाभ पाने के लिए
वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की पूजा करते समय उनके पास एक रुपये का सिक्का रखें और फिर वहां सिक्के की भी रोली और फूलों से पूजा करें और फिर उसे एक लाल रंग के कपड़े में बांधकर तिजोरी में या फिर गल्ले में रख दें. इससे आपके व्यापार में वृद्धि होने लगेगी और निश्चय ही कार्य में बढ़ोतरी होगी.

गृह क्लेश दूर करें के लिए
वरुथिनी एकादशी के दिन शंख लेकर आएं या फिर अगर आपके पास पहले से शंख रखा हुआ है तो सुबह स्नान करने के बाद एक पात्र में शंख रखकर उसपर दूध की धारा अर्पित करें और फिर उसको जल से साफ करके कपड़े से अच्छे से पोछ लें व घी का दीया जलाएं. इसके बाद उसमें दूध और केसर मिलाकर उस मिश्रण को समर्पित करें. फिर इसके बाद श्री लिखकर कुमकुम, चावल और पुष्प अर्पित करें और फिर भोग लगाकर पूजा संपन्न करें.
 

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