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23 या 24 अप्रैल! इस दिन रखा जाएगा वरुथिनी एकादशी का व्रत

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चैत्र पूर्णिमा समाप्ति के बाद वैशाख का महीना शुरू हो जाएगा. हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैशाख का महीना बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है. वैशाख के महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विधान है. इसलिए यह महीना भगवान श्री कृष्ण को समर्पित रहता है. वहीं वैशाख महीने की पहली एकादशी जल्द ही आने वाली है. माना जाता है कि जो भी जातक व्रत रखकर एकादशी के दिन भगवान श्री कृष्णा और माता लक्ष्मी की पूजा आराधना करते हैं, उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती है. घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है. वैशाख महीने की पहली एकादशी की तिथि को लेकर थोड़ी सी असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य?
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य पंडित नंदिनी किशोर मुद्गल ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि हिंदू धर्म में वरुथनी एकादशी का खास महत्व है. हर साल वरुथनी एकादशी का पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. इस साल 23 अप्रैल को वरुथनी एकादशी का त्यौहार मनाया जाएगा. इस दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

कब से हो रही है एकादशी तिथि की शुरुआत
ऋषिकेश पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि की शुरुआत 23 अप्रैल शाम 04 बजकर 43 मिनट से हो रही है और समापन अगले दिन यानी 24 अप्रैल शाम 04 बजकर 13 मिनट मे हो रहा है. उदया तिथि 24 अप्रैल होने की वजह से 24 अप्रैल को ही और उसने एकादशी का व्रत रखा जाएगा.

क्या महत्व है वरुथिनी एकादशी का
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान के साथ अगर पूजा आराधना करें हर मनोकामना पूर्ण होती है.खासकर जिनके विवाह में देरी हो रही है वैसे जातक वरुथिनी एकादशी के दिन पूरा दिन व्रत रख अपनी मनोकामना लिये भगवान विष्णु के सहस्त्र नाम का जाप करे और माता लक्ष्मी को हल्दी का गांठ अर्पण करे.जल्द ही मनोकामना पूर्ण होगीं.

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