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नारी शक्ति . रंगों का अनूठा संगम: रेलवे इंस्टिट्यूट में महिलाओं ने बिखेरे प्रतिभा के रंग
आमला। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एवं रंगपंचमी पर भव्य आयोजन; पार्षद ने कहा- देश के सर्वोच्च पद से लेकर युद्ध के मैदान तक महिलाओं ने सिद्ध की श्रेष्ठता
आमला । स्थानीय रेलवे इंस्टिट्यूट में रेलवे कर्मचारियों के परिवार की महिलाओं द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और रंगपंचमी के उपलक्ष्य में एक गरिमामय एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस उत्सव में नारी शक्ति का उत्साह और रंगों की उमंग एक साथ देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद श्रीमती ओमवती विश्वकर्मा एवं शासकीय अस्पताल से सेवानिवृत्त श्रीमती इंदिरा गाडरे उपस्थित रहीं, जिनका महिलाओं ने आत्मीय स्वागत किया।
रेलवे की प्रगति में महिलाओं के समर्पण की अहम भूमिका
समारोह को संबोधित करते हुए पार्षद ओमवती विश्वकर्मा ने कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। उन्होंने गौरव के साथ उल्लेख किया कि देश के सर्वोच्च पद पर महिला आसीन है, जो नारी सशक्तिकरण का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने रेलवे परिवार की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण और सहयोग के कारण ही रेल का पहिया सुचारू रूप से चल पाता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, 150 से अधिक महिलाएं हुईं शामिल
श्रीमती भावना पंत के कुशल संयोजन एवं शानदार मंच संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 150 महिलाओं ने भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान गणेश वंदना, प्रेरक कविताएं, कहानियां और रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। भावना पंत की काव्य अभिव्यक्ति ने पूरे आयोजन में चार चांद लगा दिए। अंत में श्रीमती कामिनी पाठक ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस
कार्यक्रम को सफल बनाने में मध्य रेल इंस्टिट्यूट और रेलवे यूनियन के पदाधिकारियों का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मीना करोले, कामिनी पाठक, रजनी झरबड़े, रेखा चीकीकर, रश्मि चीकीकर, लता कोसे, नेहा सराठे, अनीता साहू, रजनी सिंह, प्रमिला एडलक, भावना धोटे, मीनाक्षी धोटे, कविता सूर्यवंशी, सस्मिता सोनी, कल्पना सिसोदिया, अंजू वर्मा, क्षमा, पूनम रावत, हेमलता शर्मा, भारती कुशवाह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।





