क्रिकेट की दुनिया में 10 नवंबर 2025 का दिन हमेशा याद रखा जाएगा। मेघालय के बल्लेबाज आकाश कुमार चौधरी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया जो अब तक किसी ने नहीं किया था। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 8 गेंदों पर लगातार 8 छक्के लगाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज़ फिफ्टी बना डाली। आइए जानते हैं कौन हैं आकाश चौधरी और उन्होंने यह नामुमकिन कारनामा कैसे किया।
कैसे रचा आकाश चौधरी ने इतिहास
मेघालय की टीम जब अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मैदान में उतरी, तब आकाश चौधरी नंबर 8 पर बल्लेबाजी करने आए। आते ही उन्होंने आक्रामक खेल दिखाया और लगातार आठ छक्के जड़ दिए। उन्होंने लिमार दाबी के ओवर में छह छक्के और टीएन मोहित की दो गेंदों पर दो छक्के मारे। इसी के साथ उन्होंने 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर इतिहास रच दिया। उनकी स्ट्राइक रेट 357.14 रही। इस शानदार पारी के बाद मेघालय ने तुरंत अपनी पारी घोषित कर दी।
वर्ल्ड रिकॉर्ड के पीछे की कहानी
आकाश चौधरी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि “तीन छक्के लगाने के बाद मुझे लगा कि मैं हर गेंद को छक्का मार सकता हूं। उसके बाद मैंने पूरी हिम्मत से हर बॉल पर शॉट खेलने का फैसला किया। टीम का इरादा था कि जल्दी डिक्लेयर किया जाए, इसलिए मैंने जितना हो सके उतना स्कोर किया।” उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले से ही सिक्स हिटिंग की खास प्रैक्टिस की थी और बिहार के खिलाफ पिछली पारी में भी चार छक्के मारे थे, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा।
कौन हैं आकाश कुमार चौधरी
आकाश कुमार चौधरी 25 साल के युवा बल्लेबाज हैं, जिनका जन्म शिलॉन्ग (मेघालय) में हुआ। वे बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनूनी थे। उनके पिता वेल्डर हैं और मां दर्जी का काम करती हैं। साधारण परिवार से आने वाले आकाश ने अपने खेल के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जो बहुत कम खिलाड़ियों को मिलता है। उन्होंने साल 2019 में नगालैंड के खिलाफ फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था।
महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल हुए आकाश
आकाश चौधरी अब उन दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एक ओवर में छह छक्के लगाए हैं — जैसे रवि शास्त्री और गैरी सोबर्स। लेकिन आकाश ने उनसे आगे बढ़ते हुए आठ गेंदों में आठ छक्के लगाकर नया इतिहास रच दिया। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ रणजी ट्रॉफी बल्कि पूरे क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।
आकाश की कामयाबी से मिली नई प्रेरणा
आकाश चौधरी की यह उपलब्धि इस बात का सबूत है कि अगर जुनून और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी रिकॉर्ड तोड़ा जा सकता है। उनकी कहानी देश के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर निकलते हैं। रणजी ट्रॉफी में आकाश का यह धमाका भारतीय क्रिकेट के भविष्य की एक नई दिशा दिखा रहा है।





