Vladimir Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को दो दिन के भारत दौरे पर आ रहे हैं। दुनिया की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल विज़िट पर टिकी हुई हैं। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह था कि पुतिन का एयरपोर्ट पर कौन स्वागत करेगा? अब इस पर बड़ा अपडेट सामने आया है।
पुतिन के स्वागत की जिम्मेदारी—PM Modi कर सकते हैं रिसीव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं एयरपोर्ट पर व्लादिमीर पुतिन का स्वागत करेंगे।यह कदम भारत-रूस रिश्तों की मजबूती का बड़ा संकेत माना जा रहा है।पुतिन चार साल बाद भारत आ रहे हैं, ऐसे में यह विज़िट काफी अहम मानी जा रही है।
दोनों नेताओं के बीच होगी 23वीं Annual Summit
पुतिन अपने दौरे के पहले दिन भारत पहुँचेंगे और शाम को पीएम मोदी उनके सम्मान में एक प्राइवेट डिनर भी होस्ट करेंगे।अगले दिन दोनों नेता 23वीं इंडिया-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।यह summit रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का मौका माना जा रहा है।
रक्षा सौदों पर दुनिया की निगाह—SU-57 और S-400 पर बड़ा फैसला संभव
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में भारत और रूस के बीच कई बड़े रक्षा समझौते संभव हैं—
- SU-57 फाइटर जेट पर फाइनल डील
- S-400 मिसाइल सिस्टम पर बड़ा अपडेट
- रक्षा तकनीक का संयुक्त उत्पादन
रक्षा विश्लेषकों की मानें तो यह दौरा भारत को हाई-टेक डिफेंस कैपेबिलिटी देने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
भारत-रूस व्यापार में नई उड़ान—एक्सपोर्ट में होगा बड़ा इज़ाफा
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पुतिन की इस यात्रा के बादरूस भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बन सकता है।वर्तमान में भारत रूस को करीब 5 बिलियन डॉलर का निर्यात करता है, लेकिन यह आँकड़ा अब कई गुना बढ़ने की संभावना है।टेक्सटाइल, मोबाइल, दवाइयाँ, डिफेंस-इक्विपमेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भारी डील्स की उम्मीद है।
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कूटनीतिक तौर पर भारत का ‘स्ट्रॉन्ग मोमेंट’
पुतिन का भारतीय दौरा न केवल सामरिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है,बल्कि यह दुनिया को यह भी संदेश देता है कि भारत आज वैश्विक राजनीति का प्रमुख केंद्र बन चुका है।PM मोदी द्वारा पुतिन का एयरपोर्ट पर रिसेप्शन करना भारत-रूस दोस्ती का एक शक्तिशाली प्रतीक माना जा रहा है।





