Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट में एक नया नाम इन दिनों हर जगह छाया हुआ है – वैभव सूर्यवंशी। महज 14 साल की उम्र में उन्होंने वो कर दिखाया है, जिसका सपना बड़े-बड़े खिलाड़ी देखते हैं। साल 2026 की शुरुआत से पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली यूथ वनडे सीरीज में वैभव को टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है। अंडर-19 वर्ल्ड कप से ठीक पहले मिली यह जिम्मेदारी कई मायनों में खास है।
पहली वजह: आयुष म्हात्रे की चोट ने खोला कप्तानी का रास्ता
टीम इंडिया के नियमित कप्तान माने जा रहे आयुष म्हात्रे कलाई की चोट से जूझ रहे हैं। बीसीसीआई नहीं चाहता कि अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले उन्हें कोई जोखिम उठाना पड़े। इसी वजह से उन्हें यूथ वनडे सीरीज से आराम दिया गया। आयुष की गैरमौजूदगी में चयनकर्ताओं की पहली पसंद बने वैभव सूर्यवंशी, जिन्हें टीम की कमान सौंप दी गई।
दूसरी वजह: बल्ले से लगातार धमाकेदार प्रदर्शन
वैभव सूर्यवंशी का बीता साल किसी सपने से कम नहीं रहा। उन्होंने हर टूर्नामेंट में रन बरसाए हैं। आईपीएल जैसे बड़े मंच पर सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़कर उन्होंने सबका ध्यान खींचा। इसके बाद यूथ वनडे, टेस्ट मुकाबलों, एशिया कप राइजिंग स्टार्स और अंडर-19 एशिया कप में भी शतक ठोके। लगातार शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें कप्तानी के रूप में मिला।
तीसरी वजह: भविष्य के लीडर के तौर पर तैयार करना
बीसीसीआई वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि भविष्य का लीडर मान रही है। इतनी कम उम्र में दबाव में खेलने की उनकी क्षमता काबिले-तारीफ है। बोर्ड यह देखना चाहता है कि कप्तानी का दबाव वह कैसे संभालते हैं। अगर वैभव इस भूमिका में सफल रहते हैं, तो आगे चलकर उन्हें अंडर-19 वर्ल्ड कप और घरेलू क्रिकेट में बिहार टीम की कप्तानी भी मिल सकती है।
यूथ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम पर एक नजर
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में कई होनहार खिलाड़ी शामिल हैं। टीम इस प्रकार है – वैभव सूर्यवंशी (कप्तान), एरॉन जॉर्ज (उप-कप्तान), वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह (विकेटकीपर), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, मोहम्मद इनान, हेनिल पटेल, डी. दीपेश, किशन कुमार सिंह, उदव मोहन, युवराज गोहिल और राहुल कुमार।





