US Green Card new Rules: अमेरिका में ग्रीन कार्ड नियमों को लेकर एक बार फिर बड़ा बवाल शुरू हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीन कार्ड सिस्टम में नया प्रस्ताव रखा है। अगर यह नियम लागू होता है, तो उन देशों के नागरिकों को बड़ा झटका लग सकता है जिन पर पहले से ही अमेरिका में प्रवेश करने पर पाबंदी लगी हुई है। जून 2025 में अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के 12 देशों पर अमेरिका में एंट्री बैन लगाया गया था और अब खबर है कि ग्रीन कार्ड पॉलिसी में भी नए प्रतिबंध जोड़े जा सकते हैं।
कौन लोग हो सकते हैं इस नए नियम से प्रभावित
खबरों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के इस प्रस्ताव के लागू होते ही उन देशों के लोगों को अमेरिका में ग्रीन कार्ड और कुछ अन्य इमिग्रेशन सुविधाएँ नहीं मिल पाएंगी, जिन देशों को ट्रैवल बैन लिस्ट में रखा गया है। इसका असर उन लोगों पर भी पड़ेगा जो पहले से अमेरिका में लीगल तरीके से रह रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी नागरिकता के लिए पहले से चल रहे आवेदन पर इसका असर नहीं बताया जा रहा।
इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता
कई इमिग्रेशन विशेषज्ञ इस फैसले को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला इमिग्रेशन सिस्टम में बहुत बड़ा बदलाव साबित होगा। उनका मानना है कि केवल किसी देश की राष्ट्रीयता के आधार पर लोगों को रोकना तर्कसंगत नहीं है, खासकर तब जब वे पहले से सुरक्षा जांच पास कर चुके हों और लीगल रूप से अमेरिका में रह रहे हों।
किन 12 देशों पर पहले से है एंट्री बैन
जिन देशों के नागरिकों पर जून 2025 में प्रवेश प्रतिबंध लगाया गया था, उनमें अफगानिस्तान, चाड, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान, यमन, इक्वेटोरियल गिनी और रिपब्लिक ऑफ कांगो शामिल हैं। इसके अलावा कुछ देशों पर आंशिक पाबंदियाँ भी थीं, जिनमें क्यूबा, वेनेजुएला, लाओस, सीएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और बुरुंडी का नाम शामिल बताया जा रहा है।
यह नियम लागू हुआ तो क्या बदलेगा
अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो उन देशों के लोग जो अमेरिका में शरण, पैरोल या ग्रीन कार्ड विवाद से गुजर रहे हैं, उनकी प्रक्रिया रुक सकती है या खारिज हो सकती है। इस बदलाव के बाद अमेरिका में एंट्री के लिए सुरक्षा नियम और ज्यादा कठोर हो सकते हैं।
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भारतीयों पर क्या पड़ेगा असर
फिलहाल भारत इस बैन लिस्ट में शामिल नहीं है, लेकिन इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में नौकरी या स्टडी वीजा की प्रक्रिया पहले ही कड़ी होती जा रही है। ऐसे में भारतीय टेक प्रोफेशनल्स और छात्रों को भी भविष्य में और सख्त नियमों का सामना करना पड़ सकता है।





