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जब तक बूढ़े माता पिता की घर में सेवा नहीं होगी तब तक घर में सुख शांति नहीं मिलेगी
मुलताई। ग्राम कामथ हो रहे 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में सैकड़ों साधक भाई बहनों ने राष्ट्र जागरण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए गायत्री महामंत्र एवं महा मृत्युंजय मंत्र से आहुतियां समर्पित की।जिसके बाद दोपहर 1 बजे से परम पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा इस युग के लिए रचित प्रज्ञा पुराण कथा का वाचन टोली नायक पंडित धनराज धोटे के द्वारा किया गया। उन्होंने प्रज्ञा पुराण कथा सुनाते हुए कहा हमें अपने घर में सुख शांति समृद्धि चाहिए तो सबसे पहले हमे अपने बूढ़े माता पिता की सेवा करना पड़ेगा यदि हमारे बूढ़े माता माता पिता के आंख में आंसू होंगे तो हमारे घर में कभी भी सुख शांति समृद्धि नहीं आ सकती।
कथा सुनने से हमारे जीवन में आनंद की अनुभूति होती है
,इसलिए हमें कथा अवश्य सुनना चाहिए,कथा सुनने के बाद उस कथा के रस तत्व को अपने जीवन में उतारने से जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आता है ल। अतः पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने विचार क्रांति अभियान प्रारंभ किया और इस अभियान के तहत जन जन के विचारों को बदलने हेतु इस युग के लिए प्रज्ञा पुराण की रचना की जिससे इस पुराण को सुनकर लोगों के विचार बदले दूरबुद्धि का नाश हो और सदबुद्धि की स्थापना हो।गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता भाई बहनों ने अधिक से अधिक संख्या में इस पावन प्रज्ञा पुराण कथा में उपस्थित होकर कथा का लाभ लेने का आग्रह किया है।





