Union Budget 2026: हर साल की तरह Union Budget 2026 भी देश की सबसे बड़ी आर्थिक घटना होने जा रहा है। आम आदमी से लेकर उद्योगपति तक, सबकी नजर बजट पर टिकी होती है। आमतौर पर बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता है, लेकिन 2026 में यह दिन रविवार पड़ रहा है, इसलिए तारीख में बदलाव संभव है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संसद में पढ़ा जाने वाला बजट आखिर तैयार कैसे होता है और कौन करता है? चलिए आसान देसी हिंदी में पूरा चक्कर समझते हैं।
बजट क्या होता है और संविधान में इसकी जगह
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में बजट का जिक्र है, जिसे Annual Financial Statement कहा जाता है। इसी दस्तावेज के जरिए सरकार यह बताती है कि आने वाले साल में पैसा कहां से आएगा और कहां खर्च होगा। यानी देश की कमाई और खर्च का पूरा लेखा-जोखा यही बजट होता है।
बजट कौन तैयार करता है
बजट बनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय वित्त मंत्रालय की होती है। इसके अंदर Department of Economic Affairs (DEA) काम करता है। DEA के दो अहम हिस्से होते हैं।
पहला Economic Division, जो इकोनॉमिक सर्वे तैयार करता है।
दूसरा Budget Division, जो असली बजट बनाता है।
यही Budget Division दिन-रात मेहनत करके देश का बजट तैयार करता है।
कैसे होती है बजट की तैयारी
बजट की तैयारी कोई एक-दो दिन का काम नहीं होता। इसकी शुरुआत अक्टूबर महीने से ही हो जाती है। अलग-अलग मंत्रालय अपनी जरूरतों और योजनाओं का हिसाब भेजते हैं। इसके बाद बजट टीम आंकड़ों, टैक्स, खर्च और आमदनी पर मंथन करती है।
इस दौरान बजट बनाने वाले अधिकारियों को पूरी तरह आइसोलेशन में रखा जाता है। मोबाइल फोन बाहर जमा करवा लिए जाते हैं और कड़ी सुरक्षा में उन्हें काम करना होता है। कहा जाता है कि बजट मंत्रालय के बेसमेंट में तैयार होता है, जहां गोपनीयता सबसे ज्यादा होती है।
संसद में बजट कैसे पास होता है
जब बजट संसद में पेश होता है, तो उसका सफर यहीं खत्म नहीं होता।
सबसे पहले वित्त मंत्री बजट भाषण देती हैं।
इसके बाद संसद में बजट पर लंबी चर्चा होती है।
फिर अलग-अलग विभागों की मांगों को संसदीय समितियों के पास जांच के लिए भेजा जाता है।
इसके बाद लोकसभा में वोटिंग होती है। ध्यान रहे, बजट पर वोट देने का अधिकार सिर्फ लोकसभा को होता है।
आखिर में Appropriation Bill पास होने के बाद सरकार को पैसा खर्च करने की मंजूरी मिलती है।
बजट आम आदमी के लिए क्यों जरूरी
बजट सिर्फ कागजों का खेल नहीं है। इससे तय होता है कि टैक्स बढ़ेगा या घटेगा, पेट्रोल सस्ता होगा या महंगा, नौकरी मिलेगी या नहीं, किसान और गरीब को कितनी मदद मिलेगी। यानी आपकी जेब और आपकी जिंदगी दोनों पर बजट का सीधा असर पड़ता है।
इसलिए जब भी Union Budget 2026 आए, सिर्फ हेडलाइन न देखें, बल्कि समझें कि इसके पीछे कितनी लंबी और मेहनती प्रक्रिया छिपी होती है।





