U19 World Cup 2026: अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की ओर से खेलने उतरे 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले ही मैच में इतिहास रच दिया। भले ही पहले मुकाबले में उनका बल्ला खामोश रहा, लेकिन मैदान पर कदम रखते ही उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। क्रिकेट फैंस को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में वह सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए।
पहले मैच में नहीं चला बल्ला
अमेरिका के खिलाफ खेले गए पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं पाए। उन्होंने शुरुआती तीन गेंदों में 2 रन बनाए और चौथी गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में क्लीन बोल्ड हो गए। गेंद की लाइन को पूरी तरह मिस कर बैठे और सीधे मिडिल स्टंप उखड़ गया। आउट होने के बाद वैभव काफी निराश नजर आए, जबकि अमेरिकी टीम इस बड़ी विकेट से काफी खुश दिखी।
रिकॉर्ड से बस थोड़ा सा दूर रह गए
इस मैच में अगर वैभव सूर्यवंशी 6 रन और बना लेते, तो वह अंडर 19 वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में विराट कोहली को पीछे छोड़ देते। हालांकि यह मौका हाथ से निकल गया, लेकिन उनकी उम्र और अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए भविष्य में यह रिकॉर्ड टूटना तय माना जा रहा है।
सबसे कम उम्र में वर्ल्ड कप खेलने का रिकॉर्ड
बल्ले से फ्लॉप रहने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली। वह अंडर 19 वर्ल्ड कप खेलने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। वैभव ने 14 साल और 294 दिन की उम्र में यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड कनाडा के नितीश कुमार के नाम था, जिन्होंने 15 साल और 245 दिन की उम्र में वर्ल्ड कप डेब्यू किया था।
वर्ल्ड कप से पहले शानदार फॉर्म
वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई सीरीज में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन जबरदस्त रहा था। तीन मैचों में उन्होंने 206 रन बनाए थे। उनका औसत 68 और स्ट्राइक रेट 187 का रहा, जिसने उन्हें टूर्नामेंट से पहले चर्चा में ला दिया था। इसी प्रदर्शन के दम पर उनसे पहले मैच में भी बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी।
भारतीय गेंदबाजों का जबरदस्त प्रदर्शन
हालांकि बल्लेबाजी में वैभव का दिन अच्छा नहीं रहा, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अमेरिका के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। हेनिल पटेल ने घातक गेंदबाजी करते हुए 7 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 5 विकेट झटके। अमेरिकी टीम के तीन बल्लेबाज खाता तक नहीं खोल पाए और कुल सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके।
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भविष्य का बड़ा सितारा
पहले मैच में असफलता के बावजूद वैभव सूर्यवंशी का आत्मविश्वास और प्रतिभा किसी से छिपी नहीं है। इतनी कम उम्र में वर्ल्ड कप खेलना अपने आप में बड़ी बात है। आने वाले मुकाबलों में उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी और भारतीय क्रिकेट को उनसे भविष्य में काफी उम्मीदें हैं।





