TrumpRx: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले जनता को साधने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में ट्रंप प्रशासन ने एक नई योजना तैयार की है, जिसका नाम TrumpRx रखा गया है। यह एक सरकारी वेबसाइट होगी, जिसे फरवरी में लॉन्च किया जाएगा। इसका मकसद आम अमेरिकियों को सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराना है, ताकि महंगी दवाओं के बोझ से लोगों को राहत मिल सके।
सस्ती दवाओं से जनता को लुभाने की कोशिश
ट्रंप प्रशासन का दावा है कि बीते कुछ महीनों में 10 से ज्यादा फार्मा कंपनियों से समझौते किए गए हैं। इन कंपनियों की दवाइयां TrumpRx वेबसाइट के जरिए कम कीमतों पर बेची जाएंगी। अमेरिका में दवाइयों के दाम पहले ही आसमान छू रहे हैं, ऐसे में यह कदम सीधे आम जनता को फायदा पहुंचा सकता है। माना जा रहा है कि यह योजना ट्रंप के लिए चुनावी गेमचेंजर साबित हो सकती है।
फार्मा कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स में डर
TrumpRx के ऐलान के बाद फार्मास्युटिकल कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स में हड़कंप मच गया है। उनका मानना है कि अगर सरकारी वेबसाइट पर सस्ती दवाइयां मिलने लगीं, तो लोग मेडिकल दुकानों से खरीदारी बंद कर देंगे। इससे छोटे मेडिकल स्टोरों और निजी कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है। इसी वजह से इस योजना को लेकर उद्योग जगत में बेचैनी साफ नजर आ रही है।
डेमोक्रेट नेताओं ने उठाए सवाल
ट्रंप की इस योजना पर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता भी सवाल खड़े कर रहे हैं। सीनेटर डिक डर्बिन, एलिजाबेथ वॉरेन और पीटर वेल्च ने हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज विभाग के इंस्पेक्टर जनरल को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने TrumpRx वेबसाइट की वैधता, दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों को किन प्लेटफॉर्म्स पर भेजा जाएगा, इस पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि गलत दवा या इलाज में देरी से मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है।
अमेरिका में दवाओं की कीमतें बनी बड़ी समस्या
गौरतलब है कि अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा दवाइयां खरीदने वाला देश है। हाल ही में टेनेसी राज्य में किए गए सर्वे में सामने आया कि बीते वर्षों में दवाओं की कीमतें करीब 51 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। महंगी दवाओं के कारण कई लोग इलाज नहीं करा पा रहे, यहां तक कि जान गंवाने के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे हालात में TrumpRx को आम जनता के लिए राहत की सांस माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस योजना में Pfizer जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं, हालांकि पूरी दवा सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।




