Toothbrush Is Causes Cancer: सुबह उठते ही सबसे पहला काम दांत साफ करना हम सभी की आदत बन चुकी है। दांतों की चमक, मसूड़ों की मजबूती और मुंह की बदबू दूर रखने के लिए ब्रश करना ज़रूरी भी है। लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सक आचार्य मनीष जी के अनुसार, अगर आप लंबे समय से प्लास्टिक टूथब्रश इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह आदत धीरे-धीरे सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
प्लास्टिक टूथब्रश कैसे पहुंचाता है नुकसान?
आचार्य मनीष बताते हैं कि सस्ते और घटिया प्लास्टिक टूथब्रश में माइक्रोप्लास्टिक, BPA और फ्थेलेट्स जैसे रसायन पाए जाते हैं। ब्रश करते समय ये सूक्ष्म कण मुंह के जरिए शरीर में जा सकते हैं। ये हार्मोनल असंतुलन पैदा करते हैं और शरीर में ज़हर (toxins) बढ़ा देते हैं। हालांकि इससे सीधे कैंसर होना साबित नहीं हुआ है, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल करने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
क्या टूथपेस्ट भी बन सकता है खतरे की वजह?
सिर्फ टूथब्रश ही नहीं, बल्कि कुछ टूथपेस्ट भी सेहत के लिए सही नहीं माने जाते। आयुर्वेद और कई विशेषज्ञों के अनुसार, टूथपेस्ट में मौजूद SLS (Sodium Lauryl Sulfate) और ज्यादा फ्लोराइड नुकसानदेह हो सकता है। बच्चों के दांत साफ करने में टूथपेस्ट का ज्यादा इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आयुर्वेद में सप्ताह में कम से कम 5 दिन नीम की दातून से दांत साफ करने की सलाह दी जाती है।
दांत साफ करते समय दिखने वाले खतरनाक संकेत
अगर ब्रश करते समय या बाद में ये लक्षण बार-बार दिखें, तो सावधान हो जाएं:
- मसूड़ों से खून आना
- मुंह में बार-बार छाले होना
- जीभ पर मोटी सफेद परत जमना
- लगातार बदबू आना
- दांतों में कमजोरी महसूस होना
- मसूड़ों में सूजन या दर्द
ये संकेत बताते हैं कि आपकी ओरल हेल्थ बिगड़ रही है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर ऊपर बताए गए लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर या दंत चिकित्सक से संपर्क करें। साथ ही:
- हर 2 महीने में टूथब्रश बदलें
- हमेशा अच्छी क्वालिटी का ब्रश लें
- सुबह गुनगुने पानी से कुल्ला जरूर करें
- प्लास्टिक की जगह बांस या हर्बल ब्रश अपनाने पर विचार करें
छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप बड़ी बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।





