Tilak With Rice Benefits: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम की शुरुआत तिलक लगाकर ही की जाती है। पूजा-पाठ, शादी-विवाह, गृह प्रवेश या कोई भी मांगलिक कार्य हो, तिलक के बिना उसे अधूरा माना जाता है। तिलक भगवान का आशीर्वाद और शुभ संकेत माना जाता है। आमतौर पर कुमकुम, रोली, चंदन, हल्दी या भस्म से तिलक लगाया जाता है और उसके ऊपर चावल के दाने चिपकाए जाते हैं।
तिलक के साथ चावल लगाने का धार्मिक महत्व
तिलक के ऊपर लगाए जाने वाले चावल को अक्षत कहा जाता है। अक्षत का मतलब होता है – जो कभी नष्ट न हो। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिलक पर अक्षत लगाने से जीवन में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यह माना जाता है कि तिलक के साथ चावल लगाने से व्यक्ति को देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कार्यों में सफलता मिलती है।
ग्रहों पर पड़ता है शुभ प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माथे के बीच का स्थान गुरु ग्रह (बृहस्पति) से जुड़ा होता है। जब इस स्थान पर तिलक और चावल लगाए जाते हैं, तो गुरु ग्रह मजबूत होता है। इससे बुद्धि, विवेक और मानसिक शांति बढ़ती है। साथ ही जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होती है। तिलक और अक्षत शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने में भी सहायक माने जाते हैं।
अक्षत क्यों माना जाता है समृद्धि का प्रतीक
चावल यानी अक्षत को धन-धान्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक विश्वास है कि तिलक के साथ चावल लगाने से घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। यह सौभाग्य और खुशहाली को आकर्षित करता है। यही कारण है कि पूजा, विवाह और अन्य संस्कारों में अक्षत का विशेष प्रयोग किया जाता है।
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तिलक लगाने का सही तरीका
तिलक लगाने का भी एक सही तरीका बताया गया है। सुबह स्नान करने के बाद ही तिलक लगाना शुभ माना जाता है। चंदन, कुमकुम या रोली में थोड़ा सा जल मिलाकर गाढ़ा लेप बनाएं। अनामिका उंगली से माथे के बीच में तिलक लगाएं और उसके ऊपर चावल चिपकाएं। तिलक लगाते समय “ॐ श्री केशवाय नमः” मंत्र का जाप करने से विशेष फल प्राप्त होता है।





