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एसडीएम की सक्रियता से बदलने लगी आंगनबाड़ी केंद्रों की तस्वीर, खुद कर रहे डिजिटल मॉनिटरिंग
पोषण पखवाड़ा: कायाकल्प अभियान के तहत केंद्रों पर बढ़ी बच्चों की उपस्थिति, ‘मोटे अनाज’ से स्वस्थ रहने का दिया जा रहा संदेश जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया के मार्गदर्शन में न केवल केंद्रों का कायाकल्प हो रहा है, बल्कि ‘पोषण पखवाड़ा’ के माध्यम से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
व्हाट्सएप ग्रुप से सीधी निगरानी
एसडीएम श्री बड़ोनिया स्वयं विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़कर आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनके औचक निरीक्षण और सक्रियता का परिणाम है कि अब केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ गई है। बच्चों को समय पर नाश्ता-भोजन और प्री-स्कूल एक्टिविटी का लाभ मिल रहा है। एसडीएम के निर्देश पर अब हर केंद्र में दीवार घड़ी, डस्टबिन, शूज रैक, कुर्सी, टेबल और दरी जैसी आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्थानीय खान-पान पर जोर
जिला कार्यक्रम अधिकारी गौतम अधिकारी के निर्देशन में पर्यवेक्षक जनसमुदाय को पोषण का महत्व समझा रहे हैं। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि महंगे ड्राई फ्रूट्स के विकल्प के तौर पर मूंगफली का सेवन किया जा सकता है। साथ ही सीजनल फल, दूध और हरी सब्जियों के साथ ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जा रही है ताकि शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से बचा जा सके।
नियमित हो रहा है निरीक्षण
परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर और सेक्टर पर्यवेक्षक लगातार मैदानी स्तर पर भ्रमण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जहां भी खामियां मिल रही हैं, वहां कार्यकर्ताओं को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। साफ-सफाई से लेकर पोषण आहार वितरण तक की सभी गतिविधियां अब सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।





