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ग्राम लोनी में बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर वर्षों से बंद, ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा
बुरहानपुर। जिले के ग्राम लोनी में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बनाया गया आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन पिछले करीब दो से ढाई वर्षों से बनकर तैयार होने के बावजूद आज तक चालू नहीं हो पाया है। भवन पर सरकारी धन खर्च हो चुका है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं शुरू न होने से यह योजना केवल सीमित रह गई है। इससे ग्राम लोनी सहित आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्राम लोनी की जनसंख्या हजारों में है। यहां बुजुर्ग, महिलाएं, महिलाएं और छोटे बच्चे बड़ी संख्या में रहते हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्देश्य गांव में ही प्राथमिक इलाज, दवाइयां, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच और सामान्य बीमारियों का उपचार उपलब्ध कराना है, लेकिन केंद्र के बंद रहने से ग्रामीणों को बहादरपुर या बुरहानपुर शहर तक जाना पड़ता है। गरीब और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि इलाज के लिए बहादरपुर आने-जाने में समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। कई गरीब परिवारों के पास किराया देने तक के पैसे नहीं होते। बुजुर्ग और बीमार लोगों के लिए लंबी दूरी तय करना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से बीमारी गंभीर रूप ले लेती है।ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि जब भवन बनकर तैयार है तो उसे चालू क्यों नहीं किया जा रहा। क्या यह लापरवाही नहीं है?
सरकारी योजनाओं में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन यदि जनता को उसका लाभ न मिले तो यह सरकारी धन से ढाई वर्षों तक भवन का यूं ही बंद पड़े रहना कई सवाल खड़े करता है।
जिम्मेदार अधिकारी मौन
ग्रामीणों का आरोप है कि इस विषय में कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम उढे नहीं न तो डॉक्टर की नियुक्ति की गई, न ही नर्स, दवाइयों और अन्य स्टाफ की व्यवस्था की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे है। अब यह देखना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर कब प्रारंभ होता है और इसका लाभ ग्रामीणों को मिल पाता है या मामला जस का तस बना रहता है l





