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अटल स्मृति पर्व विधानसभा संगोष्ठी का हुआ आयोजन राजनैतिक मर्यादा व सुचिता में प्रथम स्थान अटल जी का – प्रहलाद पटेल

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खबरवाणी

अटल स्मृति पर्व विधानसभा संगोष्ठी का हुआ आयोजन
राजनैतिक मर्यादा व सुचिता में प्रथम स्थान अटल जी का – प्रहलाद पटेल

अटल जी ऐसे विरले नेता जिन्हे समाज के सभी वर्ग के लोगों ने अपना माना – प्रहलाद पटेल

नरसिंहपुर – भारतीय जनता पार्टी विधानसभा नरसिंहपुर द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी के जन्मशताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर अटल स्मृति पर्व विधानसभा संगोष्ठी का आयोजन जनपद पंचायत स्थित उनकी प्रतिमा के पास किया गया। कार्यक्रम पंचायत ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटैल के मुख्य आतिथ्य में जिला भाजपा अध्यक्ष रामस्नेही पाठक की अध्यक्षता में व पूर्व राज्यसभा सांसद केलाश सोनी, पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल, विधायक विश्वनाथ सिंह पटैल, महेन्द्र नागेश, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति काकोड़िया, उपाध्यक्ष अनीता ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष नीरज महाराज पार्टी पदाधिकारियों जनप्रतिनिधियों व मंडल अध्यक्षों की गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया गया तत्पश्चात् आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पंचायत ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटैल ने कहा कि 20वी ं शताब्दी में हुए कई महापुरूषों में से एक महापुरूष अटल जी हैं जिन्हे निष्काम कर्मयोगी प्रखर राष्ट्रवादी दूरदृष्टया विकास पुरूष संसदीय जीवन में राजनैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए जाना जाता है जिस कारण विरोधी भी उनका सम्मान करते थे। भारतीय राजनीति में जब भी राजनैतिक मर्यादाओं व सुचिता की बात की जायेगी प्रथम स्थान अटल जी का रहेगा। अटल जी एक लेखक, वक्ता, कवि, जनप्रतिनिधि, संगठनकर्ता, विचारक, सनातन व भारतीय परंपरा का निर्वाह करने वाले राजनेता थे। अटल जी ऐसे विरले राजनेता रहे जिन्हें समाज के हर वर्ग का प्यार मिला व लोगों ने उन्हें अपना माना। मैं भाग्यशाली व्यक्ति रहा जिसे उनकी मंत्रीमंडल में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। साथ ही उनके जनशताब्दी वर्ष पर पंचायत एवं ग्रामीण मंत्रालय के माध्यम से उनके द्वारा चलाई गई योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री सड़क, किसान क्रेडिट कार्ड, आवास, जैसी अनेकों योजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिला उनकी जनशताब्दी वर्ष की स्मृति में 2500 से ज्यादा पंचायत, 106 जनपद व 5 अटल सुशासन भवन बनाये जा रहे हैं जिससे पंचायत विकास के काम तीवृ गति से हो सकेंगे साथ ही 3750 अटल सामुदायिक भवन अटल जी की जनआकांक्षाओं के प्रतीक होंगे यही एक कार्यकर्ता के माध्यम से सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होनें अटल जी के स्मरणों को याद करते हुए कहा कि जब मैं पहली बार संसद पहुंचा तब उन्होने कहा कि पहली जी आसान होती है पुनरावृत्ति कठिन है साथ ही जब मुझे कोयला मंत्री बनाया गया तब उन्होंने मुझसे कहा कि यह काजल की कोठरी है जाते तो सभी साबुत है पर साबुत वापिस आना मुश्किल है यह तुम्हारी परीक्षा है कि तुम इस काजल की कोठरी से बेदाग निकल पाते हो कि नही। यह बात उनकी राजनैतिक अनुभव व दूरदर्शिता को दर्शाती थी।
पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आजाद भारत के लोगों के दिल व दिमाग पर राज करने वाले राजनेता अगर कोई है तो वह मातृ अटल जी हैं। अटल जी कभी दल की सीमा में बंधकर नहीं रहे वे दलों के नहीं दिलों के नेता थे। अटल जी सदैव अपनी राजनैतिक सुचिता व मर्यादा के लिए जाने गये। जिस कारण विपक्ष के सभी नेता भी उनका सम्मान करते थे। विपक्ष में रहते हुए भी उन्होने भारत का पक्ष संयुक्त राष्ट्र में रखा जिसका लोहा उस समय की सरकार व देश ने माना जब जब देश पर विपत्ति आई अटल जी ने सरकार के साथ खड़े होकर सकारात्मक भूमिका निभाई वर्तमान में विपक्षी दल के नेताओं को अटल जी के चरित्र से सीख लेते हुए सकारात्मक राजनीति करना चाहिए।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला मीडिया प्रभारी अभिनव शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का माला व सॉल से सम्मान किया गया।

गुरूद्वारे में टेका माथा, मनाया गया शाहिब जादों के बलिदान दिवस

गुरूगोविन्द सिंह के पुत्र त्याग के अवतार – प्रहलाद सिंह पटैल

नरसिंहपुर – भारतीय जनता पार्टी द्वारा सिख धर्म के 10 वे गुरू गोविन्द सिंह जी के साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी व बाबा फतेह सिंह जी की शहादत की स्मृति में जिले भर में विभिन्न आयोजन किए गए इसी क्रम में नरसिंहपुर नगर के स्टेशन स्थित गुरूद्वारे में विशेष सभा का आयोजन कर शब्द कीर्तन एवं अरदास किया गया। जिसमें मध्यप्रदेश शासन के पंचायत ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटैल सम्मलित होते हुए गुरूद्वारे में मथ्था टेका एवं उन्होनें अपने संबोधन में कहा कि गुरू गोविन्द सिंह के पुत्र के त्याग के अवतार है। इन साहिबजादों का बलिदानी इतिहास कालांतर में छिपाया गया जिसे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा इनके बलिदान की स्मृतियों को जीवंत बनाये रखने के लिए इनके बलिदान दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में मनाये जाने का निर्णय लेकर नव युवा पीढि के लिए बलिदानियों के कृतित्व व व्यक्तित्व को अनुकरणीय बनाने का ठोस प्रयास किया है। आने वाली पीढ़ियां सदैव मोदी जी के इस निर्णय सराहना करती रहेंगी। इस अवसर पर रामस्नेही पाठक पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष महंतप्रीतमपुरी गोस्वामी, नगर पालिका अध्यक्ष नीरज महाराज, कार्यक्रम प्रभारी मनमोहन सलूजा, विजित सलूजा सहित पार्टी पदाधिकारीगण एवं सिक्ख समाज के लोग उपस्थित रहे।

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