T20 World Cup: टीम इंडिया 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीतकर अब 2026 के टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरने जा रही है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया पहले से ही भारत से यह ताज छीनने की तैयारी में जुट गया है। कंगारू टीम ने एक ऐसा देसी-विदेशी मास्टरस्ट्रोक तैयार किया है, जो उन्हें फिर से वर्ल्ड चैंपियन बना सकता है। इस प्लान की सबसे बड़ी खासियत है – एक स्टार खिलाड़ी की बीच टूर्नामेंट धमाकेदार वापसी।
ऑस्ट्रेलिया का मास्टरप्लान क्या है
ऑस्ट्रेलिया ने वही रणनीति अपनाने का मन बनाया है, जो उसने 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में खेली थी। तब ट्रैविस हेड को टूर्नामेंट के बीच में उतारा गया था और वही खिलाड़ी फाइनल का हीरो बन गया। अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी ऑस्ट्रेलिया कुछ ऐसा ही करने की तैयारी में है, जिससे विरोधी टीमें चौंक जाएं।
पैट कमिंस की होगी मिड-टूर्नामेंट एंट्री
इस बार ऑस्ट्रेलिया का तुरुप का इक्का हैं पैट कमिंस। टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान कमिंस फिलहाल पीठ की चोट से जूझ रहे हैं। इसी वजह से वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरुआती मुकाबले नहीं खेलेंगे। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की योजना है कि उन्हें टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में मैदान में उतारा जाए, जब मुकाबले और भी ज्यादा दबाव वाले होंगे। उस वक्त एक फ्रेश और खतरनाक कमिंस विपक्षी टीमों के लिए सिरदर्द बन सकते हैं।
जोश हेजलवुड पर ऑस्ट्रेलिया को भरोसा
पैट कमिंस के अलावा जोश हेजलवुड भी चोट के कारण एशेज सीरीज नहीं खेल पाए थे। लेकिन खबर है कि वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे। ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से आराम देने का फैसला किया है, ताकि वर्ल्ड कप में वह पूरे दमखम के साथ खेल सकें।
प्रोविजनल स्क्वॉड से झलकी रणनीति
ऑस्ट्रेलिया ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी प्रोविजनल टीम घोषित कर दी है। जनवरी 2026 के आखिर तक आईसीसी को फाइनल स्क्वॉड भेजी जाएगी। तब तक खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर आखिरी फैसला लिया जाएगा। साफ है कि ऑस्ट्रेलिया रिस्क लेकर बड़ा दांव खेलने को तैयार है।
टीम इंडिया के लिए क्यों खतरनाक है ये प्लान
टीम इंडिया के लिए यह रणनीति इसलिए खतरनाक है क्योंकि बीच टूर्नामेंट एक वर्ल्ड क्लास कप्तान और गेंदबाज की एंट्री मैच का रुख पलट सकती है। कमिंस जैसे खिलाड़ी बड़े मैचों में अलग ही लेवल का प्रदर्शन करते हैं। अगर ऑस्ट्रेलिया का यह मास्टरप्लान सफल रहा, तो भारत के सामने खिताब बचाना आसान नहीं होगा।





