31 दिसंबर को यानी साल के आखिरी दिन, Swiggy, Zomato और Zepto जैसे फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी ऐप्स के डिलीवरी वर्कर्स हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। अगर डिलीवरी बॉय काम बंद कर देते हैं, तो ग्राहकों को समय पर ऑर्डर नहीं मिल पाएंगे और कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। आइए जानते हैं डिटेल में।
हड़ताल क्यों?
डिलीवरी वर्कर्स लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें कम वेतन मिलता है, काम का दबाव ज्यादा है और नौकरी की सुरक्षा नहीं है। ऐसे में 31 दिसंबर को अगर वे काम बंद कर दें, तो ऑर्डर बढ़ते रहेंगे लेकिन डिलीवरी नहीं होगी। नतीजतन, ग्राहकों की नाराज़गी बढ़ेगी और कंपनियों की कमाई पर बड़ा असर पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, न्यू ईयर की वजह से ऑर्डर दोगुने या तिगुने भी हो सकते हैं, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है।
Swiggy का अनुमानित नुकसान
Swiggy की सालाना आय लगभग ₹15,227 करोड़ है, यानी औसत रोजाना बिक्री ₹41.7 करोड़। कंपनी फिलहाल घाटे में है, हर ₹100 की बिक्री पर ₹20.5 का नुकसान हो रहा है। अगर हड़ताल के कारण एक दिन की बिक्री रुकती है, तो कुल नुकसान ₹41.7 करोड़ होगा। लेकिन कुछ खर्च जैसे डिलीवरी और पैकेजिंग की बचत होगी, जिससे लगभग ₹8.5 करोड़ बच सकते हैं। फिर भी, कंपनी को बड़ा झटका लगेगा।
Zomato और Blinkit का असर
Zomato की सालाना आय लगभग ₹15,037 करोड़ है, यानी रोजाना ₹41.2 करोड़। हड़ताल के कारण एक दिन की बिक्री रुकने से लगभग ₹41.2 करोड़ का नुकसान होगा, जिससे प्रॉफिट में ₹1.4 करोड़ की गिरावट आएगी। Blinkit, जो Zomato की ग्रॉसरी डिलीवरी कंपनी है, की सालाना आय ₹5,206 करोड़ है। रोजाना बिक्री ₹14.3 करोड़ है और हड़ताल से कुछ खर्च बचने के बावजूद नुकसान बढ़ सकता है।
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Zepto को फायदा या नुकसान?
Zepto की सालाना आय ₹11,110 करोड़ है, यानी रोजाना ₹30.4 करोड़। कंपनी का घाटा हर ₹100 पर ₹30.3 है। हड़ताल से रोजाना बिक्री रुकेगी, लेकिन खर्च बचने की वजह से नुकसान लगभग ₹9.2 करोड़ कम हो सकता है। चूंकि Zepto अभी नया है, कुछ ग्राहक दूसरे ऐप्स की ओर भी रुख कर सकते हैं।





