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ग्वालियर में घोड़ाडोंगरी के छात्र की संदिग्ध मौत, विधायक उईके ने पुलिस महानिदेशक से की उच्च स्तरीय जांच की मांग
भौंरा । ग्वालियर स्थित गजराराजा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे घोड़ाडोंगरी के रहवासी छात्र यशराज उईके पुत्र पंचम उईके की संदिग्ध मृत्यु के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। जिस घटना को कॉलेज हॉस्टल से गिरने के कारण हुई मौत बताया जा रहा है, उसी को लेकर परिवारजन व क्षेत्रवासी कई गंभीर शंकाएँ जता रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक–132 की विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है।
विधायक उईके ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यशराज उईके, निवासी बासन्याढाना, तहसील घोड़ाडोंगरी, कॉलेज हॉस्टल में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। हाल ही में वह संदिग्ध परिस्थितियों में हॉस्टल भवन से नीचे गिरा, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक घटना से पूरा क्षेत्र शोकग्रस्त है, वहीं परिवारजन इसे सामान्य हादसा मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि रैगिंग, मानसिक प्रताड़ना या किसी अन्य कारण की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
विधायक उईके ने अपने पत्र में कहा है कि यह घटना अत्यंत दुखद और गंभीर है। परिवार और क्षेत्र के लोग जिन शंकाओं को व्यक्त कर रहे हैं, वे चिंताजनक हैं। इसलिए आवश्यक है कि प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की जाए। यदि किसी प्रकार की लापरवाही, प्रताड़ना या संदेहास्पद परिस्थिति के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने का आग्रह करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले में पूरी तरह परिवार के साथ हैं और न्याय दिलाने हेतु हर संभव प्रयास करती रहेंगी।
यशराज उईके को क्षेत्र का एक होनहार, अनुशासित और उज्ज्वल भविष्य वाला छात्र बताया जा रहा है। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने क्षेत्र में गहरी संवेदना और आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग इस घटना की सच्चाई सामने आने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग, मानसिक दबाव और छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।





