Sukhi Khansi Ka Ilaj: अक्सर लोग दिनभर ठीक रहते हैं, लेकिन जैसे ही रात होती है, सूखी खांसी परेशान करने लगती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि लेटने पर गले और सांस की नली ज्यादा सूख जाती है। दिन में हम पानी पीते रहते हैं, बात करते हैं और शरीर एक्टिव रहता है, लेकिन रात में यह सब कम हो जाता है, जिससे गला सूखने लगता है और खांसी शुरू हो जाती है।
वायरल इंफेक्शन और जुकाम का असर
अगर आपको हाल ही में जुकाम, फ्लू या वायरल हुआ है, तो उसका असर रात में ज्यादा दिखता है। वायरल इंफेक्शन से सांस की नली में जलन हो जाती है। दिन में यह कम महसूस होती है, लेकिन रात में ठंडी हवा और सूखे माहौल के कारण गला चुभने लगता है और सूखी खांसी उठने लगती है।
एसिडिटी और GERD भी बन सकते हैं कारण
रात में सूखी खांसी का एक बड़ा कारण एसिड रिफ्लक्स यानी GERD भी हो सकता है। जब पेट का एसिड ऊपर गले तक आ जाता है, तो गले में जलन, सीने में जलन और खांसी होने लगती है। खासकर रात को खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से यह समस्या और बढ़ जाती है।
अस्थमा, धूल और प्रदूषण का प्रभाव
जिन लोगों को अस्थमा या सांस की समस्या होती है, उन्हें रात में सूखी खांसी ज्यादा सताती है। इसके अलावा कमरे में धूल, धुआं, एसी की ठंडी हवा या प्रदूषित माहौल भी खांसी को ट्रिगर कर सकता है। रात में शरीर का डिफेंस सिस्टम थोड़ा स्लो हो जाता है, जिससे एलर्जी जल्दी असर दिखाती है।
सूखी खांसी से राहत पाने के घरेलू उपाय
सूखी खांसी से राहत पाने के लिए कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें, जिससे हवा में नमी बनी रहे। सोने से पहले एक चम्मच शहद खाना बेहद फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें सूजन कम करने वाले गुण होते हैं। गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करने से गले की जलन शांत होती है। दिनभर और खासकर रात को सोने से पहले पर्याप्त पानी, सूप या हर्बल चाय पीते रहें, ताकि गला सूखा न रहे।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है
अगर सूखी खांसी दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे, या इसके साथ सांस लेने में तकलीफ, बुखार, सीने में दर्द, खून की खांसी या अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।




