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आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद, अर्चना चिटनिस ने खेतों में पहुंचकर लिया जायजा

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खबरवाणी

आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद, अर्चना चिटनिस ने खेतों में पहुंचकर लिया जायजा

बुरहानपुर
बुरहानपुर शहर से लगे ग्रामीण इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवा, बारिश तथा ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। रात के समय आई आंधी और ओलों की मार से कई गांवों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। गेहूं सहित अन्य फसलों की बालियां टूटकर खेतों में बिखर गईं और कई जगहों पर फसल पूरी तरह खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के अनुसार तेज हवा के साथ आई बारिश और ओलों ने कुछ ही मिनटों में खेतों की स्थिति बदल दी। जिन खेतों में कुछ ही दिनों में कटाई होने वाली थी, वे अब जमीन पर बिछ गई हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों का कहना है कि इस बार उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी और अब फसल खराब होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रभावित गांवों में अर्चना चिटनिस विधायक किसानों से मुलाकात करने पहुंची उन्होंने खेतों में जाकर खराब हुई फसलों का जायजा लिया तथा किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने उन्हें बताया कि अचानक आई आंधी और ओलों ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
अर्चना चिटनिस ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे सरकार तक किसानों की बात पहुंचाएंगी और नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी चर्चा कर जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कराने की बात कही, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।
किसानों का कहना है कि मौसम की इस मार ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है। कई किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसल नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे आने वाले समय में फिर से खेती के लिए तैयार हो सकें।
स्थानीय किसानों के अनुसार अगर समय रहते सरकार की ओर से सहायता नहीं मिली तो कई छोटे और मध्यम किसान आर्थिक संकट में आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार की ओर टिकी हुई हैं कि कब सर्वे होगा और किसानों को राहत कब मिलेगी।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए इस नुकसान की भरपाई केवल सरकारी सहायता से ही संभव है। इसलिए किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग लगातार उठ रही है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है और वे अपने खेतों में हुई तबाही को देखकर मायूस नजर आ रहे हैं।

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