Statement: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में कुछ राज्यों में दिवाली पर पटाखे जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध के मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने हिन्दू त्योहारों पर प्रशासन के कथित दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि बकरीद के समय जब बकरों की कुर्बानी दी जाती है, तब कोई प्रतिबंध नहीं लगता, तो फिर सनातनी त्योहारों पर ही क्यों पाबंदियां लगाई जाती हैं।धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिन्दू त्योहारों पर हमेशा पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण का हवाला देकर रोक लगाने की मांग की जाती है, लेकिन जब अन्य त्योहारों या न्यू ईयर पर पटाखे जलाए जाते हैं, तब यह चिंताएं नदारद रहती हैं। उन्होंने इस दोहरे मानदंड पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल सनातन धर्म को निशाना बनाना अनुचित है और इस तरह का “षड्यंत्र” बंद होना चाहिए।शास्त्री ने कहा कि होली और दिवाली जैसे त्योहारों के समय आलोचक सक्रिय हो जाते हैं, जबकि अन्य मौकों पर इस तरह का रुख नहीं दिखाया जाता। उन्होंने कहा कि हिन्दू त्योहारों पर रोक लगाने की बात करने वालों को समझना चाहिए कि हर धर्म और समुदाय के त्योहारों का सम्मान होना चाहिए और सभी पर समान दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।प्रदूषण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकने की बात की जाती है, जबकि हैप्पी न्यू ईयर पर भी पटाखे जलाए जाते हैं। उन्होंने इस मुद्दे को धार्मिक संतुलन और निष्पक्षता के दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता बताई।ज्ञात हो कि कई राज्यों में पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर दिवाली पर पटाखों पर पाबंदी लगाई गई है।
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