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बोड़खी मार्केट में रफ्तार का कहर; बेलगाम ट्रक ने मासूम बछड़े का पैर कुचला, पुलिस गहरी नींद में, युवाओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल

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खबरवाणी

बोड़खी मार्केट में रफ्तार का कहर; बेलगाम ट्रक ने मासूम बछड़े का पैर कुचला, पुलिस गहरी नींद में, युवाओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल

 

आमला l शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन बेजुबान जानवरों और आम नागरिकों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। सोमवार को उपनगरी क्षेत्र बोड़खी मार्केट में एक बेलगाम ट्रक चालक ने लापरवाही की हदें पार करते हुए एक नन्हे बछड़े का पैर कुचल दिया। हादसे के बाद मूक पशु सड़क पर दर्द से तड़पता रहा, लेकिन यातायात व्यवस्था संभालने वाला पुलिस प्रशासन अपनी चिर-परिचित कुंभकर्णी नींद में सोया रहा। हालांकि, इस संवेदनहीन माहौल के बीच ‘जनसेवा कल्याण समिति’ के युवाओं ने फरिश्ता बनकर इस मूक पशु की पीड़ा दूर कर समाज को एक कड़ा संदेश दिया है।

 

आज बेजुबान शिकार हुआ, कल कोई मासूम बच्चा भी आ सकता है चपेट में

 

सड़कों पर अक्सर मूक पशुओं का जमावड़ा रहता है। इन बेजुबानों को ईश्वर ने इतनी समझ नहीं दी है कि सड़क पर बैठने या चलने से क्या नुकसान हो सकता है। लेकिन समझदार कहे जाने वाले इंसानों की इतनी जल्दी और अंधाधुंध रफ्तार किसी की भी जान ले सकती है। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आज इस तेज रफ्तार का शिकार एक बेजुबान बछड़ा बना है, कल को सड़क किनारे चलता कोई बच्चा या नागरिक भी इस लापरवाही की भेंट चढ़ सकता है। बेपरवाह ड्राइवरों का यह रवैया शहरवासियों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ है।

 

संवेदनाएं अब भी जिंदा: युवाओं ने काम छोड़कर एक घंटे तक की मरहम-पट्टी

 

लापरवाह और संवेदनहीन लोगों की भीड़ के बीच इंसानियत की एक सुखद तस्वीर भी सामने आई। हादसे के बाद जब ‘जनसेवा कल्याण समिति’ के सक्रिय सदस्य सागर चौहान और गोल्डी भाटिया की नजर दर्द से छटपटाते उस गौवंश पर पड़ी, तो उन्होंने इंसानियत का फर्ज निभाया। इन युवाओं ने तुरंत अपने निजी काम छोड़ दिए और करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद उस बछड़े के घावों की साफ-सफाई कर मरहम-पट्टी की। सागर, गोल्डी और इस पुनीत प्रयास में उनका साथ देने वाले सभी युवाओं की इस जीव-दया की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है।

 

सिस्टम पर सवाल: बेलगाम वाहनों पर लगाम कब कसेगी पुलिस?

 

शहर के भीतर भारी और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। बेलगाम दौड़ते इन वाहनों पर लगाम कसने वाला कोई नजर नहीं आता। नागरिकों का तंज है कि पुलिस प्रशासन वर्षों से सो रहा है और शायद किसी बड़े मानवीय हादसे का इंतजार कर रहा है। ‘जनसेवा कल्याण समिति’ उपाध्यक्ष अनिल सोनपुरे और जागरूक नागरिकों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़कों पर थोड़ी संवेदनशीलता और सावधानी के साथ वाहन चलाएं, क्योंकि उनकी चंद मिनटों की लापरवाही किसी के प्राणों पर भारी संकट बन सकती है।

 

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