Snakes: मॉनसून के मौसम में सांपों के घरों में घुसने का खतरा बढ़ जाता है, और इस दौरान सांप के काटने की घटनाएं भी आम हो जाती हैं, जो कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती हैं। जंगलों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आदिवासी समाज सांपों से बचाव के लिए अपने पारंपरिक ज्ञान और घरेलू उपायों का उपयोग करते हैं। ये उपाय सांपों से सुरक्षा के प्राचीन और प्रभावी तरीकों के रूप में माने जाते हैं।
घोड़बच का पौधा
पलामू जिले के चेरो आदिवासी समाज के उमेश सिंह बताते हैं कि उनके समुदाय में सांपों से बचने के लिए घर के बाहर घोड़बच का पौधा लगाने की परंपरा है। इस पौधे की गंध सांपों को घर के अंदर प्रवेश करने से रोकती है। आदिवासी समाज का मानना है कि यह पौधा सांपों के लिए एक तरह की ‘लक्ष्मण रेखा’ का काम करता है। इसका पौधा छोटा होता है और इसे घर के चारों ओर लगाने से सांपों का आना कम हो जाता है।
महुआ की खली का उपयोग
अगर गलती से कोई सांप घर के अंदर आ जाता है, तो आदिवासी समाज में इसके लिए महुआ की खली का उपयोग किया जाता है। महुआ के डोरी से निकाले गए तेल के प्रसंस्करण के बाद बची खली को जलाने से जो धुआं निकलता है, वह सांपों को घर से दूर भगाने में मदद करता है। इस धुएं की गंध सांपों को पसंद नहीं आती, जिससे वे तुरंत वहां से भाग जाते हैं। इसके अलावा, मिट्टी के तेल का छिड़काव भी सांपों को भगाने का एक पारंपरिक उपाय है।
ईश्वर मूल पौधा: सांपों से रक्षा
आदिवासी समाज के एक अन्य व्यक्ति अर्जुन सिंह बताते हैं कि उनके समुदाय में ईश्वर मूल नामक एक पौधा सांपों से बचाव के लिए उपयोग होता है। यह पौधा जंगलों में पाया जाता है और इसे घर के आस-पास लगाने से सांपों के प्रवेश की संभावना कम हो जाती है। साथ ही, इसे सर्पदंश के पारंपरिक उपचार में भी प्रभावी माना जाता है।
सर्पदंश के पारंपरिक उपचार
सर्पदंश की स्थिति में भी आदिवासी समाज ईश्वर मूल के पत्तों का रस पीड़ित को पिला देते हैं। अर्जुन सिंह बताते हैं कि इस रस को सांप के विष को 10 मिनट के भीतर निष्क्रिय करने में सक्षम माना जाता है। हालांकि, इस उपाय की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन आदिवासी समाज में इसकी मान्यता गहरी है।
सांप से बचाव के अन्य उपाय
महुआ की खली जलाने और मिट्टी के तेल का छिड़काव सांपों को भगाने के कुछ और पारंपरिक उपाय हैं। इन उपायों की वैज्ञानिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है, परंतु आदिवासी समाज इन्हें अत्यधिक प्रभावी मानता है और उनका पालन करता है।
सांपों से बचाव के पारंपरिक उपाय: वैज्ञानिकता और मान्यता
हालांकि इन उपायों की वैज्ञानिकता पर सवाल हो सकते हैं, लेकिन आदिवासी समाज के पारंपरिक ज्ञान और अनुभव के आधार पर इनकी मान्यता गहरी है। सांपों को भगाने के लिए इन उपायों की सफलता के बारे में स्पष्ट कुछ कहना कठिन है, परंतु इनका उपयोग आदिवासी समाज में पीढ़ियों से होता आ रहा है।
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