साल 2026 की शुरुआत होते ही स्मार्टफोन बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। जनवरी के पहले ही हफ्तों में कई नए फोन लॉन्च हो चुके हैं और आने वाले दिनों में और भी डिवाइस आने वाले हैं। लेकिन इस बार सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात है कीमतों में तेज बढ़ोतरी। लगभग हर ब्रांड अपने नए फोन पहले से ज्यादा महंगे दाम पर उतार रहा है, जिससे आम यूजर सोच में पड़ गया है।
iQOO, Realme और Xiaomi की बढ़ती कीमतें
हाल के दिनों में Realme, Xiaomi और iQOO जैसे ब्रांड्स ने अपने नए स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं। Realme का नया प्रो मॉडल अब 40 हजार रुपये से ऊपर पहुंच गया है, जो पिछले साल तक आम बात नहीं थी। वहीं iQOO का फ्लैगशिप फोन 70 हजार रुपये से ज्यादा कीमत में आ रहा है। सवाल यह है कि क्या इन बढ़ी हुई कीमतों के बदले यूजर्स को वाकई कोई बड़ा फायदा मिल रहा है या सिर्फ नाम के लिए अपग्रेड दिया जा रहा है।
क्या नए फीचर्स सच में जरूरी हैं
कंपनियां नए फोन में बेहतर प्रोसेसर, ज्यादा ब्राइट डिस्प्ले और फास्ट चार्जिंग जैसे फीचर्स जरूर दे रही हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में हर यूजर को इनका बड़ा फर्क महसूस नहीं होता। ज्यादातर लोग पहले से ही ऐसे स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं जो स्मूद परफॉर्मेंस देते हैं और आम जरूरतों के लिए पूरी तरह काफी हैं। ऐसे में सिर्फ थोड़े से अपग्रेड के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना हर किसी के लिए समझदारी नहीं है।
प्रीमियम सेगमेंट में मुकाबला और Nothing की रणनीति
Apple और Samsung पहले से ही प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। ऐसे में जब Realme, iQOO या Nothing जैसे ब्रांड भी उसी रेंज में फोन लॉन्च करते हैं, तो यूजर्स को मनाना उनके लिए और मुश्किल हो जाता है। Nothing ने भी अपने फ्लैगशिप फोन की कीमत बढ़ा दी है, जिससे लोग दोबारा सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या नया फोन लेना वाकई जरूरी है।
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नया फोन खरीदें या पुराने से काम चलाएं
अगर आप iPhone जैसे किसी खास इकोसिस्टम में फंसे नहीं हैं, तो आपका मौजूदा स्मार्टफोन आराम से एक साल या उससे ज्यादा चल सकता है। कॉल, सोशल मीडिया, वीडियो और हल्की गेमिंग के लिए पुराने फोन आज भी अच्छे से काम कर रहे हैं। ऐसे में सिर्फ नए साल और नए मॉडल के चक्कर में मोटी रकम खर्च करना हर किसी के लिए सही फैसला नहीं होगा।





