Silver Price: साल 2026 की शुरुआत के साथ ही चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है। 13 जनवरी 2026 को चांदी ने भारतीय बाजार में ऐसा उछाल दिखाया कि निवेशक और सर्राफा कारोबारी हैरान रह गए। एमसीएक्स और खुदरा बाजार दोनों में चांदी अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई है। आज चांदी की कीमत करीब दो लाख सत्तर हजार रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची है। ऐसे में हर किसी के मन में एक ही सवाल है, क्या चांदी तीन लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
एमसीएक्स और रिटेल मार्केट में ताजा भाव
अगर एमसीएक्स की बात करें तो मार्च कॉन्ट्रैक्ट में चांदी ने जोरदार छलांग लगाई है। सुबह के कारोबार में ही करीब उन्नीस सौ रुपये की तेजी देखने को मिली और भाव दो लाख सत्तर हजार रुपये के पार चला गया। वहीं खुदरा बाजार में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे शहरों में चांदी करीब दो लाख सत्तर हजार रुपये प्रति किलो बिक रही है, जबकि चेन्नई और हैदराबाद में यह कीमत और भी ज्यादा, करीब दो लाख सत्तासी हजार रुपये तक पहुंच गई है।
पिछले कुछ दिनों में क्यों भागी चांदी
पिछले बारह दिनों में ही चांदी करीब उनतीस हजार रुपये महंगी हो चुकी है। यानी महज कुछ ही दिनों में बारह प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। यह तेजी अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। ग्लोबल मार्केट से लेकर घरेलू मांग तक, हर जगह चांदी की चमक बढ़ती जा रही है।
चांदी में इस मेगा उछाल के पांच बड़े कारण
इस उछाल की सबसे बड़ी वजह चीन है। चीन ने चांदी के निर्यात पर सख्त नियम लगा दिए हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई में कमी आ गई है। इसके अलावा सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में चांदी की मांग तेजी से बढ़ी है। एक सोलर पैनल में ही करीब बीस ग्राम चांदी का इस्तेमाल होता है। ईरान संकट और मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव भी निवेशकों को शेयर बाजार से निकालकर सोना चांदी की ओर खींच रहा है। डॉलर की कमजोरी और अमेरिका में ब्याज दरें घटने की उम्मीद ने भी चांदी को सपोर्ट दिया है।
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क्या चांदी पहुंचेगी तीन लाख रुपये प्रति किलो
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही ट्रेंड बना रहा तो जनवरी 2026 में ही चांदी तीन लाख रुपये प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर को छू सकती है। हालांकि चांदी में उतार चढ़ाव भी काफी रहता है। ऐसे में छोटे निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करें। फिलहाल इतना तय है कि चांदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह सिर्फ गहना नहीं, बल्कि मजबूत निवेश भी है।





