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Silver Cross 3 lakh mark china impact: चीन के एक फैसले से कैसे चमक उठा चांदी का भाव, 24 दिनों में एक लाख की छलांग

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Silver Cross 3 lakh mark china impact: जनवरी 2026 में चांदी ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने निवेशकों से लेकर ज्वैलरी बाजार तक सबको चौंका दिया। महज 24 दिनों में चांदी की कीमत में एक लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। साल की शुरुआत में जो चांदी करीब 2 लाख 38 हजार रुपये प्रति किलो थी, वह 24 जनवरी तक बढ़कर करीब 3 लाख 40 हजार रुपये प्रति किलो पहुंच गई। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह चीन का एक अहम फैसला माना जा रहा है।

चीन का फैसला और सप्लाई पर असर

चीन दुनिया में रिफाइंड सिल्वर का सबसे बड़ा उत्पादक और सप्लायर है। वैश्विक बाजार की करीब 65 प्रतिशत चांदी चीन से आती है। जनवरी 2026 से चीन ने चांदी को स्ट्रैटेजिक मटेरियल घोषित कर दिया। इसके बाद चांदी के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लगा दिया गया। अब बिना खास लाइसेंस के चांदी का एक्सपोर्ट संभव नहीं है। इससे दुनिया भर में फिजिकल सिल्वर की भारी कमी हो गई और कीमतें तेजी से ऊपर चढ़ने लगीं।

24 दिनों में 42 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न

आंकड़ों की बात करें तो 1 जनवरी 2026 को चांदी का भाव करीब 2 लाख 38 हजार रुपये प्रति किलो था। 12 जनवरी तक यह 2 लाख 52 हजार के पार पहुंच गया। 19 जनवरी को पहली बार 3 लाख रुपये का स्तर टूटा और 24 जनवरी को चांदी 3 लाख 40 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। यानी सिर्फ 24 दिनों में करीब 42 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल दर्ज हुआ, जो अपने आप में ऐतिहासिक है।

सुरक्षित निवेश की तलाश ने बढ़ाई मांग

दुनियाभर में भू राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के माहौल ने भी चांदी को सहारा दिया। अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव की खबरों से निवेशक घबराए और उन्होंने चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर अपनाया। जब शेयर बाजार में डर बढ़ता है, तो चांदी और सोने जैसी धातुओं की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।

सोलर और इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने बढ़ाई खपत

चीन की ग्रीन एनर्जी नीति भी चांदी की कीमतों को आसमान पर ले गई। चीन दुनिया के 80 प्रतिशत से ज्यादा सोलर पैनल बनाता है और सोलर पैनल में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक गाड़ियों में भी सामान्य गाड़ियों की तुलना में दोगुनी चांदी लगती है। चीन में ईवी और सोलर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार तेज होने से चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

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क्या होता है शॉर्ट स्क्वीज

चांदी की सप्लाई घटने और मांग बढ़ने से बाजार में शॉर्ट स्क्वीज की स्थिति बन गई। जब ट्रेडर यह सोचकर दांव लगाते हैं कि कीमत गिरेगी और अचानक भाव बढ़ने लगता है, तो उन्हें नुकसान से बचने के लिए मजबूरी में खरीदारी करनी पड़ती है। यही जबरन खरीद कीमतों को और ऊपर धकेल देती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर चीन की ग्रीन टेक इंडस्ट्री इसी रफ्तार से बढ़ती रही, तो आने वाले दिनों में चांदी की चमक और तेज हो सकती है।

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