Signs Your Brain Is Aging Faster: आजकल बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या और खराब लाइफ़स्टाइल के कारण दिमाग उम्र से पहले ही कमजोर होने लगता है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि ध्यान न दिया जाए तो 30 की उम्र में दिमाग 50 साल का महसूस होने लगता है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के डॉ. वसीली इलियोपोलोस के अनुसार, हमारा दिमाग स्मृति, मूड और फोकस को नियंत्रित करता है, और जब ये कार्य बिगड़ने लगते हैं, तो यह जल्दी उम्र बढ़ने का संकेत हो सकता है। आधुनिक लाइफस्टाइल, मोबाइल की लत, नींद की कमी और प्रदूषण सीधे ब्रेन हेल्थ पर असर डालते हैं।
बार-बार भूलना – दिमाग के बूढ़े होने का पहला संकेत
कभी-कभी चीज़ें भूल जाना सामान्य है, लेकिन यदि बार-बार ऐसा होने लगे, तो यह “टिप ऑफ द टंग सिंड्रोम” कहलाता है।
इसमें आप वह चीज़ याद होने के बावजूद तुरंत बोल नहीं पाते, जैसे—
- किसी का नाम
- कोई शब्द
- कोई महत्वपूर्ण बात
डॉ. वसीली बताते हैं कि यह संकेत है कि दिमाग का वह हिस्सा, जो याददाश्त संभालता है, कमजोर हो रहा है। इसे नजरअंदाज करना आगे चलकर बड़ी समस्या पैदा कर सकता है।
नींद में गड़बड़ी – दिमाग की थकान का साफ इशारा
यदि आपकी नींद:
- समय पर नहीं आती
- बार-बार टूट जाती है
- उठने के बाद भी नींद आती रहती है
- रोज़ाना अलग-अलग टाइम पर होती है
तो यह दिमाग के जल्दी बूढ़े होने का संकेत हो सकता है।
नींद दिमाग की मरम्मत (brain repair) के लिए जरूरी है। जब हम सही नींद नहीं लेते, तो दिमाग थकने लगता है और उसकी क्षमता कम होती जाती है।
बार-बार मूड खराब होना – ब्रेन केमिकल्स का बिगड़ना
यदि आपका मूड छोटी-छोटी बातों पर बदलने लगे, चिड़चिड़ापन बढ़ जाए या हर दिन इमोशनल स्विंग्स हों, तो यह केवल तनाव नहीं, बल्कि दिमाग की केमिस्ट्री बदलने का संकेत है।
उम्र बढ़ने के साथ दिमाग के हार्मोन और केमिकल्स में बदलाव आता है, पर यदि 30 की उम्र में यह होना शुरू हो जाए, तो यह चेतावनी है कि ब्रेन स्ट्रेस सहन नहीं कर रहा।
रोशनी से दिक्कत – जल्दी बूढ़े हो रहे दिमाग का चौथा संकेत
तेज़ रोशनी में आंखें चुंधिया जाना या अचानक लाइट से दिक्कत होना केवल आंखों की समस्या नहीं बल्कि दिमाग की थकान का हिस्सा भी है।जब दिमाग कमजोर होता है, तो वह रोशनी और आवाज़ जैसी चीजों को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता। यह संकेत है कि ब्रेन जल्दी उम्र पकड़ रहा है।
दिमाग की देखभाल कैसे करें?
- रोज़ 7–8 घंटे की नींद लें
- मोबाइल, टीवी, और शोर से दूरी
- नियमित रूटीन
- हेल्दी खाना, हरी सब्जियाँ, ड्राई फ्रूट्स
- दिमाग को आराम देने वाले काम—योगा, मेडिटेशन, वॉक




