Sar Dard Cancer Ka Lakshan Hai: अक्सर लोग सिरदर्द को थकान, नींद की कमी, तनाव या माइग्रेन समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हर सिरदर्द मामूली नहीं होता। अगर सिर में दर्द बार-बार हो रहा है, लंबे समय तक बना रहता है या दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं होता, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में सावधानी बेहद ज़रूरी है।
ब्रेन कैंसर क्या होता है?
मेडिकल भाषा में ब्रेन कैंसर को ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है। यह दिमाग की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण होता है। इसके दो प्रकार होते हैं—
- बेनाइन (Benign): यह धीरे-धीरे बढ़ता है और समय पर इलाज से कंट्रोल हो सकता है।
- मैलिग्नेंट (Malignant): यह तेजी से फैलता है और जानलेवा भी हो सकता है।
दोनों ही स्थितियों में शुरुआती पहचान बहुत अहम होती है।
कब सिरदर्द बन सकता है खतरे की घंटी
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर सिरदर्द के साथ कुछ खास लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
- सुबह उठते ही तेज सिरदर्द होना
- समय के साथ दर्द का बढ़ते जाना
- दर्द की दवा लेने पर भी आराम न मिलना
- झुकने, खांसने या छींकने पर दर्द बढ़ जाना
- सिरदर्द के साथ उल्टी या मतली महसूस होना
ये संकेत बताते हैं कि मामला साधारण नहीं हो सकता।
ब्रेन कैंसर के अन्य संभावित लक्षण
ब्रेन कैंसर सिर्फ सिरदर्द तक सीमित नहीं रहता। इसके साथ शरीर में और भी बदलाव दिख सकते हैं—
- बिना वजह बार-बार उल्टी होना
- आंखों की रोशनी कमजोर होना या डबल दिखना
- याददाश्त कमजोर होना या बात-बात पर चिड़चिड़ापन
- संतुलन बिगड़ना या चलते समय लड़खड़ाना
- अचानक व्यवहार में बदलाव आना
इन लक्षणों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव
डॉक्टरों का साफ कहना है कि डरने से बेहतर है समय पर जांच कराना। हर सिरदर्द कैंसर नहीं होता, लेकिन अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो MRI या CT स्कैन जैसी जांच ज़रूरी हो सकती है। शुरुआती स्टेज में पहचान होने पर इलाज के चांस काफी बढ़ जाते हैं।





