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आमला में शक्ति संवर्धन 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति के साथ ग्रहण की दीक्षा
अंतिम दिन गायत्री महायज्ञ, पूर्णाहुति और दीक्षा संस्कार, यज्ञाचार्यों के मंत्रोच्चार से गूंजा यज्ञ स्थल
आमला। रेलवे स्टेडियम में आयोजित शक्ति संवर्धन 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का सोमवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन प्रातःकाल से ही यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञाचार्यों के सान्निध्य में विधिवत गायत्री महायज्ञ संपन्न कराया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के साथ पूर्णाहुति अर्पित की। इसी दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र दीक्षा संस्कार भी ग्रहण किया। दीक्षा प्राप्त कर श्रद्धालुओं ने नियमित साधना का संकल्प लिया। यज्ञ कुंडों से उठती आहुतियों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। यज्ञाचार्यों ने दीक्षा के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
चतुर्थ दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, परिवार सहित श्रद्धालुओं ने यज्ञ व दीक्षा में ली भागीदारी
महायज्ञ के चतुर्थ दिवस पर आमला सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही महिलाएं, पुरुष, यज्ञ स्थल पर मौजूद रहे। यज्ञाचार्यों के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से आहुतियां दीं। बड़ी संख्या में लोगों ने गायत्री दीक्षा संस्कार ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत की। श्रद्धालुओं ने यज्ञ को आत्मशुद्धि और मानसिक शांति का माध्यम बताया। आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और प्रवचन का सिलसिला चलता रहा। स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाओं को संभालते हुए अनुशासन बनाए रखा। आयोजन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया।
समापन पर भोजन प्रसाद वितरण, दीक्षा लेने वाले श्रद्धालुओं में दिखा विशेष उत्साह
महायज्ञ के समापन अवसर पर विशाल भोजन प्रसाद का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। दीक्षा संस्कार ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आनंद देखने को मिला। सेवा भाव से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रसाद वितरण की जिम्मेदारी संभाली। महिलाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी श्रद्धालु संतुष्ट नजर आए। आयोजन समिति ने सफल आयोजन के लिए सहयोगियों का आभार जताया। श्रद्धालुओं ने कहा कि महायज्ञ से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। समापन के साथ ही पूरे आमला क्षेत्र में भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण बना रहा।
हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण किया
महायज्ञ के समापन अवसर पर विशाल भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। सुबह से दोपहर तक प्रसादी वितरण का सिलसिला चलता रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की।सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने पूरी व्यवस्था संभाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग व्यवस्था की गई थी। प्रसादी वितरण के दौरान अनुशासन और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया।श्रद्धालुओं ने प्रसादी को दिव्य अनुभूति वाला बताया। भोजन प्रसादी के साथ ही महायज्ञ का विधिवत समापन हुआ।
प्रतिदिन डाली श्रद्धलुओं ने 1 लाख 29 हजार 600 आहुतियां, तीन दिनों में 5 लाख से अधिक डाली आहुतियां
तीन दिवसीय इस महायज्ञ में प्रतिदिन 1 लाख 29 हजार 600 आहुतियां डाली गई, जिससे तीन दिनों में कुल संख्या 5 लाख से भी अधिक पहुंच गई। यह आहुति संख्या अपने आप में दुर्लभ और अत्यंत प्रभावी मानी जा रही हैं। यज्ञ स्थल पर विशाल पंडाल, पवित्र अग्नि कुंडों की श्रृंखला, वैदिक मंत्र, शंखध्वनि और भक्तों की उपस्थिति के साथ कार्यक्रम अत्यंत भव्य आयोजन रहा है। आयोजन समिति ने बताया कि महायज्ञ में श्रद्धालुओं के लिए बैठने, दर्शन, प्रसाद और अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से तैयार किया जा गया था आमला नगर में इस महायज्ञ को लेकर भक्तों और स्थानीय नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।





