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ग्रामीण अंचल को मिलेगी टोटल रोड कनेक्टिविटी, एमपी-एमडीआर में शामिल हुए अहम मार्ग
भौंरा–फोफलिया–टांडा जोड़ और भौंरा–धपाड़ा–सातलदेही–चोपना मार्ग को मुख्य जिला मार्ग का दर्जा, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से बनेगा सीधा संपर्क
भौंरा। भौंरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी को लेकर मध्यप्रदेश शासन का हालिया निर्णय क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है। शासन द्वारा भौंरा–फोफलिया–टांडा जोड़ तक के मार्ग को एमपी–एमडीआर (मुख्य जिला मार्ग) श्रेणी में शामिल किया गया है। साथ ही भौंरा–धपाड़ा–सातलदेही–चोपना मार्ग को भी मुख्य जिला मार्ग घोषित किया गया है। इन दोनों मार्गों के जुड़ने से ग्रामीण अंचल को टोटल और डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे प्रमुख मार्गों से सीधा संपर्क स्थापित होगा।
बताया जा रहा है कि इस निर्णय के पीछे क्षेत्रीय विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके के निरंतर प्रयास भी रहे हैं। विधायक द्वारा लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग शासन स्तर पर उठाई जा रही थी, ताकि गांवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से सीधे जोड़ा जा सके। शासन के इस आदेश को उन्हीं प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा पूरा ग्रामीण इलाका
भौंरा पहले से ही राष्ट्रीय राजमार्ग 46 (बैतूल–भोपाल मार्ग) से जुड़ा हुआ है, लेकिन अब भौंरा–फोफलिया–टांडा जोड़ को एमडीआर का दर्जा मिलने से तथा भौंरा–धपाड़ा–सातलदेही–चोपना मार्ग के उन्नयन से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी उसी नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इससे गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय, राज्य मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों से और अधिक सुदृढ़ होगा।
41.50 किलोमीटर का मार्ग बनेगा ग्रामीण विकास की धुरी
भौंरा–धपाड़ा–सातलदेही–चोपना मार्ग की कुल लंबाई 41.50 किलोमीटर है। वहीं भौंरा–फोफलिया–टांडा जोड़ उज्जैन–भोपाल–बैतूल मार्ग तंत्र से जुड़कर क्षेत्र में एक मजबूत सड़क जाल तैयार करेगा। इन मार्गों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों को अब अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत सड़क नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू
मुख्य जिला मार्ग घोषित होने के साथ ही लोक निर्माण विभाग द्वारा भौंरा–सातलदेही–चोपना मार्ग के 15.80 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। इस कार्य की अनुमानित लागत 3172.54 लाख रुपये निर्धारित की गई है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण से आवागमन सुविधाओं में गुणात्मक सुधार आने की उम्मीद है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से किसानों को मंडियों तक पहुंच आसान होगी, परिवहन लागत घटेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अवसरों तक ग्रामीणों की सीधी पहुंच बनेगी। भौंरा–फोफलिया–टांडा जोड़ और भौंरा–धपाड़ा–सातलदेही–चोपना मार्ग मिलकर ग्रामीण अंचल को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति देंगे। कुल मिलाकर, शासन का यह निर्णय और विधायक के प्रयास भौंरा सहित पूरे ग्रामीण क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक लाभ देने वाला कदम माना जा रहा है।





