Resolution: मध्यप्रदेश में अतिशेष शिक्षक समायोजन प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियों और विरोध के चलते शिक्षकों के दावे-आपत्तियों की एक बार फिर से समीक्षा की जा रही है। शिक्षकों ने 11 अक्टूबर तक अपने दावे-आपत्ति प्रस्तुत किए हैं, और अब जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) इन दस्तावेजों का परीक्षण कर रहे हैं। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 संभागों के लिए अलग-अलग अधिकारी नियुक्त किए हैं।
प्रमुख जानकारी:
तारीखें:11 से 13 अक्टूबर के बीच डीईओ शिक्षकों के दस्तावेजों का परीक्षण करेंगे।14 से 18 अक्टूबर के बीच सभी दावे-आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा।समायोजन प्रक्रिया:डीईओ द्वारा दस्तावेजों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी और संबंधित संकुल प्राचार्य के पास भेजा गया है।अधिकारी दस्तावेजों का परीक्षण करेंगे और अपनी रिपोर्ट डीईओ को सौंपेंगे।संभागीय समिति इन मामलों की जांच कर स्पीकिंग ऑर्डर जारी करेगी, और नीतिगत या तकनीकी मामलों का राज्य स्तर पर निराकरण किया जाएगा।
विभाजन के अनुसार अधिकारी:
संभागप्रभारी अधिकारीइंदौरआरके डेकाटेनर्मदापुरमनितिन सक्सेनारीवा और शहडोलधर्मेन्द्र शर्मासागरडॉ. रेखा बाथमजबलपुरआरएल कारपेंटरग्वालियरएचएन नेमाउज्जैनपीके सिंह बघेलभोपालसंयुक्त संचालक रेखा पटेल
शिक्षकों की नाराजगी और समस्याएँ:
समायोजन प्रक्रिया में गलतियों से शिक्षक और संगठन नाराज हैं। कुछ सामान्य शिकायतें इस प्रकार हैं:शिक्षक का पद एक स्कूल में है, लेकिन उसे किसी दूसरे स्कूल में पदस्थ दिखाकर तीसरे स्कूल में समायोजित किया गया।कुछ मामलों में पहले से पदस्थ शिक्षक को अतिशेष घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य शिक्षकों को उसी स्कूल में बाद में पदस्थ किया गया था।इस प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों के कारण शिक्षकों में नाराजगी है, और इन्हें जल्द से जल्द सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
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