Renewable Energy Boom: भारत में रिन्यूएबल एनर्जी के तेज़ विस्तार के बीच अदाणी ग्रुप की सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन यूनिट्स ने साल 2025 में जबरदस्त प्रदर्शन किया। रिकॉर्ड क्षमता विस्तार, नई तकनीक और कई पहली बार होने वाली परियोजनाओं के साथ अदाणी ने क्लीन एनर्जी सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। पीटीआई रिपोर्ट के मुताबिक, यह साल अदाणी के लिए उपलब्धियों से भरा रहा।
अदाणी सोलर ने पार किया 15,000 मेगावाट का बड़ा आंकड़ा
Adani Solar ने 15,000 मेगावाट से ज्यादा सोलर मॉड्यूल की शिपमेंट कर इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाली यह भारत की पहली और सबसे तेज़ कंपनी बन गई। कंपनी ने देशभर के 550 से ज्यादा जिलों में अपना रिटेल नेटवर्क फैलाया है। साथ ही, इसे TUV Rheinland से “लॉन्ग टर्म मॉड्यूल रिलायबिलिटी” का अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन भी मिला, जिससे ग्राहकों का भरोसा और मजबूत हुआ।
विंड एनर्जी में भारत से लेकर विदेश तक अदाणी की उड़ान
Adani Wind ने 1 गीगावाट से ज्यादा की इंस्टॉलेशन पूरी कर भारत की सबसे बड़ी ऑनशोर विंड टरबाइन लगाने का रिकॉर्ड बनाया। कंपनी के पास 304 मेगावाट का बाहरी ऑर्डर बुक है और FY2026 में 2.5 गीगावाट बिजली Adani Green Energy को देने की योजना है। खास बात यह रही कि अदाणी ने पहली बार यूरोप को एंटी-आइसिंग ब्लेड्स भेजे और अमेरिका के लिए 60-Hz डिजाइन तैयार किया। अब ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील और वियतनाम जैसे देशों में एंट्री की तैयारी है।
ग्रीन हाइड्रोजन में भारत की पहली बड़ी छलांग
अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने कच्छ में 5 मेगावाट का ऑफ-ग्रिड ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट चालू कर देश का नाम रोशन किया। यह प्लांट पूरी तरह सोलर एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर आधारित है। खास बात यह है कि इसमें ऑटोमैटेड इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम लगाया गया है, जो सोलर पावर के उतार-चढ़ाव के हिसाब से खुद को एडजस्ट करता है।
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अवॉर्ड्स, भरोसा और 2026 की बड़ी तैयारी
अदाणी की सोलर और विंड टीमों को क्वालिटी, सेफ्टी और ESG के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। Adani Solar को ESG Transparency Award भी मिला। पीटीआई रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अदाणी ग्रुप लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने, एक्सपोर्ट तेज़ करने और ग्रीन हाइड्रोजन को कमर्शियल लेवल पर लाने पर फोकस करेगा।





