Rajya Sabha Election 2026 : देश की राजनीति में फिर हलचल तेज हो गई है। 2026 के राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बार 10 राज्यों की कुल 37 सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर मार्च में मतदान कराया जाएगा। हर दो साल में राज्यसभा की कुछ सीटें खाली होती हैं और नए सदस्यों का चुनाव होता है।
चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम
राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव की तारीखें Election Commission of India ने घोषित कर दी हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन, जांच, नाम वापसी और फिर मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
देसी भाषा में समझें तो जिन सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनकी जगह नए चेहरे संसद के ऊपरी सदन में जाएंगे।
किन राज्यों की सीटें हो रही हैं खाली?
इस बार जिन 10 राज्यों की सीटें खाली हो रही हैं, उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और असम शामिल हैं।
इन राज्यों से कुल 37 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। अब राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण के हिसाब से उम्मीदवार तय करेंगे।
कौन-कौन होंगे विदा?
राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 6 साल का होता है। जिन सदस्यों का कार्यकाल मार्च 2026 में पूरा हो रहा है, वे सदन से विदा होंगे, जब तक कि उन्हें दोबारा पार्टी टिकट देकर फिर से न भेजा जाए।
कई वरिष्ठ नेता रिटायर हो सकते हैं, तो कुछ को दोबारा मौका भी मिल सकता है। पार्टियों के लिए यह मौका रणनीति बनाने का है, खासकर जिन राज्यों में विधानसभा की ताकत ज्यादा है।
कैसे होता है राज्यसभा चुनाव?
राज्यसभा के चुनाव सीधे जनता नहीं करती। संबंधित राज्य की विधानसभा के चुने हुए विधायक मतदान करते हैं। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल हस्तांतरणीय वोट के जरिए होता है।
जिस पार्टी के पास विधानसभा में ज्यादा विधायक होते हैं, उसकी संभावना ज्यादा रहती है कि वह अधिक सीटें जीत सके।
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क्यों अहम है यह चुनाव?
राज्यसभा को संसद का ऊपरी सदन कहा जाता है। यहां से कई अहम विधेयक पास होते हैं। अगर किसी पार्टी के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं होता, तो कानून पास कराने में मुश्किल आ सकती है।
इसलिए 2026 का यह चुनाव सिर्फ 37 सीटों का नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत के संतुलन का भी मामला है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम सामने आते ही सियासी पारा और चढ़ने वाला है।





